कर्नाटक काडर के आईएएस अधिकारी अनुराग तिवारी मौत मामले में विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट सुब्रत पाठक ने सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को खारिज कर दिया है। साथ ही, उन्होंने क्लोजर रिपोर्ट को चुनौती देने वाले अनुराग के भाई मयंक तिवारी की अर्जी को स्वीकार करते हुए इस मामले में अग्रिम विवेचना के आदेश भी दिए हैं।
गौरतलब है कि राजधानी में मीराबाई मार्ग स्थित वीआईपी गेस्ट हाउस के बाहर सड़क पर अनुराग तिवारी की मौत हो गई थी। इस मामले में मयंक तिवारी ने हजरतगंज थाने में एफआईआर कराई थी।
बाद में इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। सीबीआई ने इस मामले में क्लोजर रिपोर्ट लगाते हुए अनुराग की मौत में किसी तरह की साजिश से इंकार कर दिया था। कहा, मृतक द्वारा किसी बड़े घोटाले का पर्दाफाश करने या उनके उच्चाधिकारियों से मृत्यु का भय होने के आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी है।
मयंक ने क्लोजर रिपोर्ट को चुनौती देते हुए कहा, सीबीआई के विवेचक ने पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर अनुराग की हत्या को दुर्घटना बताने के उद्देश्य से जांच की। सिर्फ महत्वपूर्ण तथ्यों व फोरेंसिंक साक्ष्यों को ही दरकिनार नहीं किया गया, बल्कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जानबूझ की गलत व्याख्या भी की गई।
मयंक ने कोर्ट से क्लोजर रिपोर्ट को खारिज करने व एसपी रैंक के अधिकारी से विवेचना कराए जाने अनुरोध किया था। कोर्ट ने इन तर्कों से सहमत होते हुए माना कि मामले में अग्रिम विवेचना कराया जाना आवश्यक है।