लखनऊ। उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग के नोटिस के बाद नगर निगम ने एक बार फिर साफ किया है कि बंदर पड़ना वन विभाग की जिम्मेदारी है। नगर निगम इसके लिए अधिकृत नहीं है। बीते दिनों बंदर के दौड़ाने से युवक की मौत के बाद आयोग की ओर जारी किए गए नोटिस के जवाब में नगर निगम ने यह जानकारी भेजी है।
अपर नगर आयुक्त डॉ. अरविंद राव की ओर से भेजे गए जवाब में बताया गया कि दिल्ली में भी वन विभाग की ओर से वानर वाटिका विकसित की गई। जंगली पशुओं को पकड़ने का काम वन विभाग ही करता है। बंदरों को भी वही पकड़ता था। नगर विकास विभाग या उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से भी कोई आदेश बंदरों को पकड़ने के लिए नगर निगम को जारी नहीं किया गया है।