संवाद न्यूज एजेंसी
श्रावस्ती। 18 वीं लोकसभा चुनाव में मोदी मैजिक नहीं चला। श्रावस्ती लोकसभा सीट पर जाति विकास पर भारी पड़ी। यहां चुनाव में जातीय समीकरण ने भाजपा के गुणा-भाग को ध्वस्त कर दिया।
देवीपाटन मंडल की चार लोकसभा सीटों में से मात्र श्रावस्ती लोकसभा सीट के लिए प्रधानमंत्री मोदी चुनाव प्रचार करने कटरा आए थे। जिन्होंने श्रीराम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष व प्रधानमंत्री के पूर्व सलाहकार नृपेंद्र मिश्र के पुत्र व पूर्व नौकरशाह साकेत मिश्र के पक्ष में न सिर्फ चुनावी हवा बनाने का प्रयास किया। बल्कि इसी लोकसभा सीट के तुलसीपुर, बलरामपुर व गैसड़ी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक के बाद एक ताबड़तोड़ रैलियां कीं।
इतना ही नहीं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, अपना दल की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल, प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण, जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष पदम सेन चौधरी सहित कई अन्य दिग्गजों ने बैठक व जनसभा कर भाजपा प्रत्याशी साकेत मिश्र के पक्ष में जमकर प्रचार किया। लेकिन मतदाताओं ने बदलाव का मन बना लिया था। यही कारण रहा कि श्रावस्ती लोकसभा सीट पर न तो प्रधानमंत्री मोदी का मैजिक चला और न ही विकास की उम्मीद जगाने वाले साकेत मिश्र की अपील ही। जिले के मतदाताओं ने जातीय समीकरण के आधार पर ही मतदान किया। संवाद