बिचाला गांव में पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अफसर
शुजागंज/रुदौली। हाइड्रोशील का ऑपरेशन कराने के पांच दिन बाद एक युवक की मौत हो गई। पुलिस ने मृतक के भाई की शिकायत पर झोलाछाप के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
कोतवाली क्षेत्र के बिचाला गांव के मुकेश कुमार (25) हाइड्रोशील से पीड़ित थे। उनका इलाज शुजागंज के एक निजी क्लीनिक में चल रहा था। क्लीनिक संचालक विनोद ने 27 जुलाई को ऑपरेशन की सलाह दी। बाहर से सर्जन बुलाकर ऑपरेशन कराया गया। ऑपरेशन के कुछ देर बाद मुकेश को घर भेज दिया गया। 30 जुलाई को हालत बिगड़ने पर उन्हें रुदौली के निजी अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने ऑपरेशन में गड़बड़ी की आशंका जताई और लखनऊ रेफर कर दिया। परिजन लखनऊ ले जा रहे थे कि सुमेरगंज के पास बनीकोडर सीएचसी में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। रामसनेहीघाट पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। मृतक के भाई सर्वेश कुमार की तहरीर पर पुलिस ने क्लीनिक संचालक विनोद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
पुलिस पर पिटाई का आरोप
मृतक के छोटे भाई सर्वेश कुमार ने शुजागंज पुलिस चौकी पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आरोपी विनोद और पुलिसकर्मियों की बातचीत का वीडियो बनाने पर सिपाहियों ने अभद्रता की। सिपाही ने मोबाइल छीनकर वीडियो डिलीट कर दिया और विरोध करने पर उन्हें पीटा। घटना की जानकारी गांव में पहुंचने पर तनाव फैल गया। उप जिलाधिकारी विनोद गुप्ता, क्षेत्राधिकारी अरविंद सोनकर और अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे।
झोलाछाप पर लापरवाही के आरोपों की खबर के बाद मुख्य चिकित्साधिकारी के निर्देश पर शनिवार को जांच टीम रुदौली पहुंची। टीम में उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पीसी. भारती, डॉ. वेद प्रकाश त्रिपाठी और डॉ. रवींद्र कुमार शुक्ल शामिल थे। टीम ने हलीमनगर स्थित क्लीनिक का निरीक्षण किया, जो बंद मिला। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. देवेंद्र भदौरिया ने जांच रिपोर्ट के आधार पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। क्षेत्रीय विधायक रामचंद्र यादव ने मृतक की पत्नी को नकद सहायता दी और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का आश्वासन भी दिया।