पीड़िता की मां की शिकायत के बाद इंटरनल कम्प्लेंट कमेटी फॉर सेक्सुअल हरैसमेंट ऑफ वीमेन एट वर्क प्लेस की जांच में धौन्क्रोक्ता दोषी पाए गए। उत्पीड़न में उनका सहयोग करने वाले भदौरिया के खिलाफ भी आरोप साबित हुए। कमेटी ने जून 2015 को अपनी जांच रिपोर्ट में दोनों के खिलाफ अश्लील हरकतें, षड्यंत्र समेत आईपीसी की अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कराने की सिफारिश की थी।
मगर उस रिपोर्ट को दबा दिया गया। रिपोर्ट की कॉपी 27 फरवरी 2017 को उपलब्ध कराई गई। विभाग की तरफ से कार्रवाई न होने पर पीड़िता ने सीओ अलीगंज दीपक कुमार सिंह से मुलाकात कर उन्हें कमेटी की जांच रिपोर्ट दिखाई व दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। पीड़िता का आरोप है कि धौन्क्रोक्ता की यौन प्रताड़ना व धमकियों के साक्ष्य मिटाने में भदौरिया ने पूरा साथ दिया।