आवास विकास के कथित बाबू पर 26.63 लाख की ठगी का केस
लखनऊ। आवास विकास के कथित बाबू वृंदावन योजना निवासी राजेंद्र प्रसाद ने पुराने अलॉटमेंट में मकान दिलाने के नाम पर सात लोगों से 26.63 लाख रुपये ऐंठ लिए। पीजीआई पुलिस ने आरोपी व उसकी साथी रुक्मणी राय, लक्ष्मण प्रसाद, रमेश और उनके चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। इंस्पेक्टर धीरेंद्र कुमार सिंह के मुताबिक मामले की तफ्तीश चल रही है।
इंस्पेक्टर के मुताबिक भरवारा के गंगोत्री विहार निवासी धर्मराज ने बताया कि मई 2022 में उनकी मुलाकात कथित बाबू राजेंद्र प्रसाद से वृंदावन सेक्टर नौ आवास विकास कार्यालय के बाहर हुई थी। आरोपी ने बताया था कि पुराने अलाटमेंट में कुछ मकान निरस्त हो गए हैं। इन्हें वह दिला सकता है। सेक्टर 12-बी में दो फ्लैट पसंद आने पर 10 हजार नकद और दो लाख का चेक दिया। इसके बाद और रुपये दिए। उन्हीं की तरह कुसमा राजपूत, रंजना वर्मा, आकाश, अभिषेक समेत सात लोगों ने रुपये दिए। दबाव बनाने पर फर्जी अलॉटमेंट लेटर दे दिया। इसके बाद राजेंद्र कुमार किसी अन्य मामले में जेल चला गया।