पुलिस ने बताया कि मुन्नवर राना के बेटे तबरेज के साथी हलीम ने यह साजिश रची थी। हलीम ने पुलिस को बताया कि तबरेज चुनाव लड़ना चाहता था। हलीम के मुताबिक तबरेज का कहना था कि फायरिंग की घटना से चाचा लोग शांत हो जाएंगे।
मशहूर शायर मुन्नवर राना के बेटे तबरेज राना पर चार दिन पहले हुए हमला एक सोची समझी साजिश थी। यह साजिश स्वयं शायर के बेटे तबरेज ने ही सुर्खियां बटोरने और चाचाओं को फर्जी मुकदमे में फंसाने के लिए रची थी। मुकदमा दर्ज करके जांच में जुटी पुलिस ने परत दर परत साजिश का पर्दाफाश करके मुख्य आरोपी तबरेज के साथ दोनों साजिशकर्ताओं और शूटर समेत तीन शातिरों को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपी तबरेज की तलाश में कोतवाली पुलिस और एसओजी जुट गई है।
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पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शुक्रवार को मामले का पर्दाफाश करते हुए एसपी श्लोक कुमार ने बताया कि मुन्नवर राना के बेटे तबरेज ने बीती 28 जून को कोतवाली में तहरीर देकर लखनऊ मार्ग पर पेट्रोल पंप के पास जानलेवा हमले का मुकदमा अपने चर्चाओं के खिलाफ दर्ज कराया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद शहर कोतवाल अतुल सिंह, एसओजी प्रभारी अमरेश त्रिपाठी, किला बाजार चौकी इंचार्ज प्रवीण गौतम आदि की टीम को मामले का खुलासा करने का टास्क दिया गया। एसपी ने बताया कि कुछ दिन पहले ही तबरेज ने पैतृक जमीन से 18 बिस्वा जमीन बेची थी। जानकारी होने पर चाचाओं ने आपत्ति जताई थी। इसी के बाद तबरेज ने साथी हलीम और सुल्तान के साथ मिलकर एक होटल में बैठकर अपने ऊपर फायरिंग कराने की साजिश रची।
एसपी ने बताया कि घटना वाले दिन आरोपी तबरेज त्रिपुला के निकट पेट्रोल पंप के पास पहुंचा और गाड़ी खड़ी कर दी। पहले से तय योजना के तहत तबरेज के साथी हलीम और सुल्तान के इशारे पर शूटर सत्येंद्र और शुभम ने तबरेज के वाहन पर फायरिंग किया। हमला जिधर तबरेज बैठा था उधर ना करके दूसरी तरफ किया गया। यह पूरा वाक्या पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। एसपी ने बताया कि साजिशकर्ता नयापुरवा निराला नगर निवासी हलीम और सुल्तानअली को गिरफ्तार किया गया तो सारी हकीकत और साजिश सामने आ गई। शूटर व भदोखर थाना क्षेत्र के पूरे हंसा मजरे बेलाभेला निवासी सत्येंद्र त्रिपाठी व उत्तर पारा निवासी शुभम सरकार को भी गिरफ्तार किया गया है। सभी के कब्जे से एक-एक पिस्टल और दो बाइकें बरामद की गई है। मुख्य आरोपी तबरेज की तलाश में पुलिस टीम गठित कर दी गई है। जल्द ही उसे भी गिरफतार किया जाएगा।
खुद पर हमले की साजिश रचने वाला तबरेज राना आगामी विधानसभा चुनाव तिलोई सीट से लडना चाहता था। पिता की तरह सुर्खियां बटोरने और परिवार के लोगों को फंसाकर शांत कराने के मकसद से ही उसे यह करतूत सूझी। पुलिस का कहना है कि तिलोई से चुनाव लडने, मीडिया के जरिए सुर्खियां बटोरने और चाचाओं को फंसा कर शांत करके उनके हिस्से की रकम हड़पने की तबरेज की मंशा पूरी नहीं हो सकी है।
साजिश तो अच्छी रची, लेकिन शातिराना दिमाग ने दिया धोखा
आरोपी तबरेज राना ने अपने साथी हलीम के साथ उसने साजिश को बढिय़ा रखी, लेकिन शातिराना दिमाग न लगाने के कारण वह फंस ही गया। पुलिस की जांच के दौरान वह अपनी ही बातों में ही फंसता चला गया। खासकर सीसीटीवी फुटेज ने उसकी करतूत को उजागर कर दिया। यदि यह फुटेज न होती तो पुलिस को मामले का खुलासा कर पाना कठिन होता। घटना के दिन गाड़ी में कई लोगों के बैठे होने की जानकारी तबरेज ने दी, लेकिन सीसीटीवी फुटेज में वह अकेेला ही नजर आया। गोली भी जिस तरफ वह बैठकर गाड़ी चला रहा था, ठीक उसके विपरीत स्थान पर कार में मारी गई। इन्हीं छोटी-छोटी खामियां के कारण तबरेज का कारनामा सबके सामने आ गया।
आरोपी हलीम को होर्डिंग्स के ठेके की दी थी लालच
वैसे तो पकड़े गए अपराधियों को कोई पुराना अपराधिक इतिहास नहीं है, लेकिन तबरेज का साथी हलीम होर्डिंग्स लगाने का काम करता था। साजिश सफल होने पर तबरेज ने हलीम को तिलोई से चुनाव लडने के दौरान होडिंग का ठेका देने का लालच दिया था। इसी लालच में फंसकर हलीम ने वारदात को अंजाम दिलवा दिया। पकड़े गए शुभम और सत्येंद्र के खिलाफ भी पहले से कोई मामले दर्ज नहीं हैं।