पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के खिलाफ 1990 में कारसेवकों पर फायरिंग मामले में सीजेएम कोर्ट में परिवाद दायर किया गया है। यह परिवाद मृत कारसेवक रमेश कुमार पांडेय की पत्नी गायत्री देवी ने दायर किया है।
परिवाद को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम रवींद्र द्विवेदी की कोर्ट ने बतौर प्रकीर्ण वाद दर्ज कर लिया है। कोर्ट में इसकी पोषणीयता पर 5 दिसंबर को सुनवाई होगी।
अधिवक्ता विशाल चंद्र श्रीवास्तव ने कोर्ट में दाखिल अर्जी में कहा है कि 2 नवंबर 1990 को दोपहर में करीब 12 बजे गायत्री के पति रमेश कुमार पांडेय राम जन्मभूमि आंदोलन में एकत्र हुई कारसेवकों की भीड़ देखने हनुमान गढ़ी चौराहे की ओर जा रहे थे।
जैसे ही वह लाल कोठी के पास पहुंचे सामने से पुलिस की ओर से की चलाई गई गोली से उनकी मौत हो गई। मृतक की पत्नी ने उस समय यह जानने की कोशिश की कि उसके पति व अन्य कारसेवकों पर गोलियां किसके कहने पर और क्यों चलाई गई। लेकिन उसे कोई जानकारी नहीं मिली।
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उस समय उसने शासन और प्रशासन मे कई अर्जी दी लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई और वह किसी तरीके से अपने चार बच्चों का भरण पोषण कर रही है। गोलीकांड के समय सपा सरकार थी और मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव थे।