पोस्टमॉर्टम के बाद बुधवार दोपहर प्रौढ़ का शव गांव पहुंचा तो परिवार के साथ पूरा गांव बिलख पड़ा। ग्रामीणों का कहना था कि मृतक बेहद सीधा था। शव को थोड़ी देर घर पर रखने के बाद दाह संस्कार के लिए प्रयागराज निकल गए।
मृतक का एक बेटा सेना में
राजेंद्र प्रसाद के तीन पुत्र हैं। सबसे बड़ा बेटा वेद प्रकाश किसी शहर में रहकर प्राइवेट नौकरी करता है तो मझला बेटा सत्य प्रकाश अभिकर्ता का काम करता है। छोटा बेटा सूर्य प्रकाश सेना में है। घटना वाले दिन संयोग से तीनों बेटे व तीनों बहुएं घर पर थे। राजेंद्र की पत्नी का पहले ही निधन हो चुका है।
अपने पिता की हत्या से आहत सूर्य प्रकाश ने कहा कि मैं पूरे देश की रक्षा करता हूं लेकिन अपने पिता को नहीं बचा सका। जब मैं अपने पिता को नहीं बचा सका तो देश के लिए क्या कर पाऊंगा? सूर्य प्रकाश ने आरोपियों पर जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की है। कहा कि अगर कार्रवाई न की गई तो मैं आत्मदाह कर लूंगा।