पुलिस हिरासत में प्रणव अंसल (फाइल फोटो)
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अंसल के चेयरमैन सुशील अंसल, वाइस चेयरमैन प्रणव अंसल व मैनेजिंग सीईओ अनूप सेठी समेत सात के खिलाफ प्लॉट देने के नाम पर जालसाजी कर लाखों हड़पने का केस दर्ज कराया गया है। विकासनगर निवासी 70 वर्षीय शीला देवी ने आरोप लगाया कि पूरी रकम जमा कराने के बावजूद उन्हें 12 साल से दौड़ाया जा रहा है। सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
प्रभारी निरीक्षक शैलेंद्र कुमार गिरि के मुताबिक शीला देवी ने वर्ष 2010 में अंसल से सुशांत गोल्फ सिटी में 3600 वर्गफीट का प्लॉट बुक किया था। सात सितंबर 2010 को चेक से 12 लाख रुपये लेकर उनके हक में रजिस्टर्ड एग्रीमेंट किया गया। इसके बाद अंसल के अफसरों ने दो लाख और नकद लेकर 18 माह में प्लॉट का बैनामा कर कब्जा देने की बात कही। हालांकि, कई बार मांगने पर भी भुगतान की रसीद नहीं दी गई।
इसके दो साल बाद भी कब्जा न मिलने पर वृद्धा ने अंसल कार्यालय पहुंचकर शिकायत की। इस पर उन्हें प्लॉट तो अलॉट कर दिया गया, लेकिन आवंटन पत्र नहीं दिया। आरोप है कि आवंटन पत्र मांगने पर 23 जनवरी 2014 को उन्हें 16.32 लाख का मांग पत्र थमा दिया गया। पीड़िता ने अंसल के तत्कालीन वरिष्ठ अधिकारी पूर्व आईएएस बीबी सिंह से मिलकर आपबीती बताई। हालांकि, इसके बाद भी समझौता करने पर उन्हें पांच लाख और जमा करने पड़े।
फरवरी 2016 में आवंटित प्लॉट की रजिस्ट्री करने के लिए कहा तो बताया गया कि जहां प्लॉट है, वहां के किसानों से अभी जमीन नहीं खरीदी जा सकी है। पीड़िता ने कहा, अंसल वर्ष 2016 से आश्वासन देकर टहला रहा है। बुजुर्ग ने आरोप लगाया कि जमीन न होने के बावजूद अंसल ने जालसाजी कर पैसे हड़पने के लिए उनसे 19 लाख रुपये जमा करवा लिए। पीड़िता ने अंसल के चेयरमैन, वाइस चेयरमैन, सीईओ के अलावा अंसल के प्रेसीडेंट अरुण कुमार, सुशील सिंह, सीनियर जीएम संतोष कुमार और फरहान सिद्दीकी पर जालसाजी व ठगी का केस करवाया है।