बलरामपुर के ललिया थाना क्षेत्र के उपटहवा गांव में जान से मारने की धमकी व सरकारी कार्य में बाधा में पहुंचाने पर नौ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। 25 वर्ष पहले पति के इलाज के लिए 3200 रुपये में जमीन गिरवी रखी गई और उसके बदले में 15 हजार रुपये कर्ज चुकता करने के बाद भी जमीन वापस न देने पर विवाद का मामला बताया जा रहा है। एसपी देवरंजन वर्मा के निर्देश पर ललिया थाने की पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
एएसपी अरविंद मिश्र ने शुक्रवार को बताया कि 19 नवंबर को ललिया थाना क्षेत्र के उपटहवा निवासिनी कोयला देवी ने पुलिस को दी गई तहरीर में कहा है कि उसकी जमीन पर जबरन नल लगाया गया है। मना करने पर विपक्षियों ने मारापीटा और जान से मारने की धमकी दी।
ललिया थाने की पुलिस ने विपक्षियों के खिलाफ एनसीआर दर्ज किया तभी रात करीब आठ बजे कोयला देवी ने फिर से लिखित तहरीर दिया कि कन्हैयालाल, चंद्र प्रकाश, मोनू मिश्र, अर्जुन प्रसाद, मन्ना, खुशबू, जनक दुलारी, पूर्णिमा व रेखा उर्फ कुन्नू लाठी डंडे व भाले से मारा पीटा और कपड़े फाड़ दिये। घर में घुसकर सामान की तोड़फोड़ की।
पुलिस ने कोयला देवी व उनके पति दुर्गा प्रसाद को सीएचसी शिवपुरा में भर्ती कराया। जांच में पता चला कि 25 साल पहले कोयला देवी ने अपने पति का इलाज कराने के लिए पड़ोसी चंद्र किशोर से 3200 रुपये में जमीन गिरवी रखकर कर्ज लिया था। 15 हजार रुपये कर्ज चुकता करने के बाद भी विपक्षी जमीन को नहीं छोड़ रहे थे। उसी जमीन पर नल लगाने के दौरान विवाद उत्पन्न हुआ।
मौके पर पहुंचे विवेचक एसआई कृष्णानंद पांडेय के साथ भी विपक्षियों ने अभद्रता की और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का प्रयास किया। मोनू मिश्र सहित 9 लोगों के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। मोनू, कन्हैया, अर्जुन व चंद्र प्रकाश को गिरफ्तार कर लिया है। बाकी पांच की तलाश की जा रही है।