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Lucknow News: किसान को थप्पड़ मारने के मामले में नायब तहसीलदार व लेखपाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज

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अमर उजाला में 26 अगस्त को प्रका​शित खबर। 
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गोसाईंगंज/लखनऊ। मोहनलालगंज में अतिक्रमण हटाने के दौरान किसान राम मिलन को थप्पड़ मारने के मामले में सुशांत गोल्फ सिटी थाने में बृहस्पतिवार देर रात नायब तहसीलदार रत्नेश कुमार व लेखपाल सुभाष कौशल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई। गैर इरादतन हत्या का प्रयास, मारपीट व एससी एसटी एक्ट की धारा में कार्रवाई हुई है। खास बात ये है कि घटना वाले दिन ही नगर निगम के लेखपाल की ओर से राम मिलन और उसके घरवालों पर केस दर्ज कर दिया गया था।
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इससे पहले कार्रवाई की मांग को लेकर किसानों ने मंगलवार को सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस व बृहस्पतिवार को एसीपी गोसाईंगंज के कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया था। इसके बाद देर रात किसान की पत्नी माया देवी की तहरीर पर पुलिस ने नायब तहसीलदार व लेखपाल पर केस दर्ज कर लिया। डीसीपी दक्षिणी निपुण अग्रवाल के मुताबिक तफ्तीश की जा रही है।



पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल

इस पूरे मामले में पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में है। पुलिस ने किसान की तहरीर पर केस दर्ज करने में चार दिन लगा दिए। इसके लिए किसानों को प्रदर्शन करना पड़ा। वहीं, नगर निगम के लेखपाल राकेश यादव की तहरीर पर केस दर्ज करने में देरी नहीं की गई। लेखपाल का आरोप है कि अतिक्रमण हटाने के दौरान राम मिलन, उसकी पत्नी माया, विजय कुमार, चंद्रशेखर, राम सिंह और प्रेम ने सरकारी कार्य में बाधा डाली, सरकारी कर्मचारियों से गाली गलौज और आत्महत्या की कोशिश की। पुलिस ने सभी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
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तहरीर बदलवाई, फिर दर्ज की रिपोर्ट

पुलिस पहले दिन से मामले में लीपापोती कर रही थी। पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों का नाम तहरीर से निकलवाना चाहते थे। यही वजह है कि किसान पक्ष की तहरीर पर केस दर्ज नहीं किया गया। बाद में अधिकारियों ने तहरीर से पुलिसकर्मियों का नाम निकलवाया और फिर केस दर्ज किया। किसानों का कहना है कि अगर उनके साथ न्याय नहीं हुआ तो वे फिर प्रदर्शन करेंगे।
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