लखनऊ में ठाकुरगंज पुलिस ने अवैध रूप से रहने वाले बांग्लादेशी नागरिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई एलआईयू की जांच रिपोर्ट के आधार पर की है। एलआईयू रिपोर्ट में विदेशी मूल के व्यक्ति को नाम बदलकर रहने की बात कही गई है।
साथ ही जानकारी दी कि उसने भारत का पासपोर्ट बदले हुए नाम से बनवा लिया है। रिपोर्ट के आधार पर दरोगा की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रभारी निरीक्षक ठाकुरगंज प्रमोद कुमार मिश्रा के मुताबिक, चार सितंबर को एलआईयू की तरफ से एक पत्र भेजा गया था।
इसमें दुबग्गा निवासी देबरोतो विश्वास के बारे में जानकारी थी। उसमें बताया गया कि देबरोतो ने कागजों में हेरफेर कर पासपोर्ट हासिल कर लिया है। इसकी शिकायत पासपोर्ट विभाग से मिली है और आरोपी के विदेशी नागरिक होने का शक है। ठाकुरगंज थाने से यह जांच एसआई साबिर हुसैन को सौंपी गई।
भौतिक सत्यापन करने पर देबरोतो पर लगे आरोप सही मिले। पता चला कि मंजू टंडन ढाल निवासी तपन विश्वास के पते का इस्तेमाल दस्तावेज बनवाने के लिए किया गया है। वह मूलरूप से पश्चिम बंगाल के नादिया जिले का रहने वाला है। वह बंगाली डॉक्टर के नाम से दुकान चलाता है। पड़ताल में जानकारी सामने आई कि तपन की दुकान पर देबरोतो कंपाउंडर के तौर पर काम करता है।