तीन दिन पूर्व राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर मशाल जुलूस निकालने के दौरान हुई हिंसक झड़प के मामले में पुलिस ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष समेत 40 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। झड़प में सीताकुंड चौकी इंचार्ज समेत कई कांग्रेसी व पुलिस कर्मी घायल हो गए थे।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता रद्द किए जाने पर बीते बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता लालडिग्गी स्थित पार्टी कार्यालय से मशाल जुलूस निकाल रहे थे। मशाल जुलूस लेकर कांग्रेसी जैसे ही सड़क पर पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें कोरोना गाइड लाइन का हवाला देते हुए रोकने का प्रयास किया था। इसे लेकर कांग्रेसियों की पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई थी।
ये भी पढ़ें - मायावती का हमला, कहा- गेस्ट हाउस कांड न होता तो सपा बसपा गठबंधन देश पर राज कर रहा होता
ये भी पढ़ें - यूपी को आखिर कब मिलेगा स्थायी डीजीपी? यूपीएससी को नया प्रस्ताव भेजने पर टिकी नजरें
आरोप है कि मशाल की छीना झपटी में सीताकुंड चौकी इंचार्ज शारदेंदू दुबे के सिर और आंख में चोट लगी थी। इसके साथ ही अन्य पुलिस कर्मी भी घायल हुए थे। पुलिस ने कांग्रेसियों पर लाठी चार्ज किया तो कई नेता व कार्यकर्ता घायल हो गए।
सीताकुंड चौकी इंचार्ज शारदेंदू दुबे की तहरीर पर कोतवाली नगर में कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा, नितिन मिश्रा, रणजीत सिंह सलूजा, दिनेश कुमार मिश्रा, अमूल बाजपेई, मोहित तिवारी, दयाशंकर दूबे, राहुल मिश्रा, वरूण मिश्रा, मीनू यादव, अरुण कुमार त्रिपाठी, शकील अंसारी, अमित सिंह, राजेश तिवारी, सुब्रत सिंह, मोहम्मद अतहर, मानस तिवारी, महेश मिश्र, संतोष मिश्रा, राहुल त्रिपाठी और 20 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। नगर कोतवाल राम आशीष उपाध्याय ने बताया कि कांग्रेस जिलाध्यक्ष समेत नामजद और 20 अज्ञात के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर मामले की तफ्तीश की जा रही है।