लखनऊ। अप्रत्यक्ष कर भवन में तैनात सहायक आयुक्त ने बर्खास्त इंस्पेक्टर अभिजात श्रीवास्तव पर प्रधान आयुक्त को धमकाने का आरोप लगाया है। बर्खास्तगी का आदेश वापस लेने का दबाव बनाने का भी आरोप है। विभूतिखंड पुलिस ने दो नामजद व अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मामले से संबंधित एक ऑडियो क्लिप भी पुलिस को दी गई है।
अप्रत्यक्ष कर भवन में तैनात सहायक आयुक्त रश्मिकांत के मुताबिक मुख्यालय में इंस्पेक्टर पद पर तैनात रहे अभिजात श्रीवास्तव के खिलाफ अनियमितता की शिकायत मिली थी। प्रधान आयुक्त के निर्देश पर आरोपी के खिलाफ विभागीय जांच की गई थी। जांच में आरोप सही पाए गए थे। इस कारण अभिजात को बर्खास्त कर दिया गया था। इसके बाद से आरोपी अभिजात प्रधान आयुक्त पर आदेश वापस लेने का दबाव बना रहा था। बीते 12 मार्च को अभिजात के सहयोगी प्रयागराज के लूकरगंज निवासी राष्ट्र रक्षक समूह के देवांशु मेहता ने प्रधान आयुक्त को फोन पर आरोपी की बर्खास्तगी का आदेश वापस लेने और ऐसा न करने पर बड़ा आंदोलन करने की धमकी दी थी। इतना ही नहीं देवांशु ने प्रधान आयुक्त पर भ्रष्टाचार में शामिल होने का झूठा आरोप भी लगाया था।
इंस्पेक्टर विभूतिखंड सुनील सिंह के मुताबिक लोक सेवक के कार्य में बाधा डालने, जबरन वसूली, मानहानि और धमकी देने की धारा में अभिजात श्रीवास्तव, देवांशु मेहता व अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
अभिजात के खिलाफ हुई बर्खास्तगी की कार्रवाई को लेकर सीजीएसटी निरीक्षकों में काफी नाराजगी थी। देशभर के सीजीएसटी कार्यालयों के निरीक्षकों ने विरोध-प्रदर्शन भी किया था। निरीक्षकों का आरोप था कि सीक्रेट फंड के दुरुपयोग का मुद्दा उठाने के चलते अभिजात की बर्खास्तगी की गई है।