80 के दशक में राज कॉमिक्स के देसी सुपर हीरो सुपर कमांडो ध्रुव ने देश में कॉमिक्स की सीरीज को बदलकर रख दिया।
अविश्वसनीय लगने वाली ताकतों और गैजेट्स के साथ साइंस फिक्शन का भरपूर इस्तेमाल सुपर हीरो ध्रुव को अपने समय से काफी आगे दिखाता था। इसके बाद आया सुपर हीरो नागराज।
सांप की रस्सी पर झूलने वाला नागराज अब 21वीं सदी की दुनिया में खुद को संतुलित कर रहा है। इन सुपर हीरो के पीछे का दिमाग रहे कार्टूनिस्ट अनुपम सिन्हा शनिवार को लखनऊ में थे।
80 के दशक में अविश्वसनीय लगने वाली चीजों का उपयोग कैसे आप अपने सुपर हीरो के साथ कर लेते थे?
मेरे लिए यह आसान नहीं था। विज्ञान का छात्र होने का फायदा मिला। साइंस मैगजीन, एनसाइक्लोपीडिया और नई जानकारी इसमें फायदेमंद होती थी। इसे एक कहानी का रूप देकर सुपर हीरो के सामने चुनौती बनाकर रखना होता था। यही चीज थी जो उस समय सुपर हीरो को पॉपुलर बनाने में आगे आई।
क्या यह विदेशी या पहले से मौजूद कॉमिक्स की तरह फैंटेसी नहीं थी?
मैंने कॉमिक्स में फैंटेसी का उपयोग किया, लेकिन दूसरे सुपर हीरो की तरह ध्रुव जुपिटर पर जाकर लड़ने नहीं लगता था, जहां जीवन का कोई अस्तित्व ही नहीं है। मेरी कॉमिक्स का सुपर हीरो रियलिटी के काफी नजदीक होता था। यह विज्ञान की जानकारियों से ही संभव होता था। लॉर्ड ऑफ द रिंग्स, नॉर्निया, हैरी पॉटर की तरह फैंटेंसी यहां नहीं है।
सुपर कमांडो ध्रुव देसी कॉमिक्स के लिए क्या मायने लेकर आया?
ध्रुव का अवतार ‘प्रतिशोध की ज्वाला’ कॉमिक्स के साथ हुआ। उस समय कॉमिक्स के नाम पर तेनालीराम, धार्मिक कहानियां जैसे क्लासिक होते थे, जो केवल चित्रकथा होने के चलते पॉपुलर हुए। प्रतिशोध की ज्वाला के साथ एक सुपर हीरो लोगों के सामने आया। इसे हाथों-हाथ लिया गया। यह कॉमिक्स की दुनिया का टर्निंग प्वाइंट था। इसके बाद का बदलाव सबके सामने है।
21वीं सदी में आपके सुपर हीरो में क्या बदलाव आ रहा है?
सुपर कमांडो ध्रुव उस समय भी गैजेट्स का उपयोग करता था। अब उसके गैजेट और लैब आधुनिक समय के साथ बदल चुके हैं। उसकी लैब चुटकियों में डीएनए जैसी जांच करने के लिए तैयार है।
वह फिफ्थ जनरेशन का स्मार्टफोन यूज करता है। नागराज भी खुद को नई सदी के लिए ढाल चुका है। हां, अगर कुछ नहीं बदला तो सुपर कमांडो ध्रुव और नागराज का असली स्वरूप उनकी कॉस्ट्यूम। ...और यह कभी बदलेगा भी नहीं। पब्लिशर नागराज में बदलाव चाहते हैं, लेकिन मैं इसके लिए मना कर चुका हूं।
कॉमिक्स की दुनिया में अब नया क्या होगा?
ध्रुव के बचपन में हुए सर्कस के हादसे को पहले दो पन्ने में समेट दिया गया था। अब इसकी पूरी सीरीज ‘बालचरित’ चार वॉल्यूम में आ रही है। जल्द ही यह ध्रुव के बारे में नई जानकारी लेकर सामने आएगी। नागराज को लेकर भी एक कॉमिक्स की तैयारी है।