फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अफसरों से लगाता रहा पत्नी को बचाने की गुहार पर किसी ने नहीं सुनी, आखिर थम गईं सांसें

Thu, 27 Jun 2019 02:30 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
विज्ञापन

बलरामपुर अस्पताल में लापरवाही और असंवेदनशीलता ने एक मरीज की जान ले ली। बलरामपुर की रहने वाली अनीता (35) को ब्रेन हैमरेज हुआ था। केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर से उसे बलरामपुर अस्पताल रेफर कर दिया गया।

विज्ञापन


सोमवार रात उसे इमरजेंसी में भर्ती करा कराया गया। हालत खराब होने पर डॉक्टरों ने उसकी फाइल पर वेंटिलेटर सपोर्ट लिख दिया, लेकिन उसे वेंटिलेटर मुहैया नहीं कराया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। पति जगदम्बा का कहना है कि आईसीयू में 4 वेंटिलेटर में से दो खाली पड़े थे, मगर दिया नहीं गया।

वहीं, अस्पताल के निदेशक डॉ. राजीव लोचन ने कहा कि वेंटिलेटर पर दो मरीज थे। अब जो लोग इलाज कर रहे थे, वे जानें कि वेंटिलेटर की जरूरत थी कि नहीं।

बलरामपुर अस्पताल में भर्ती पत्नी अनीता (35) को वेंटिलेटर मुहैया कराने के लिए पति जगदम्बा आईसीयू से लेकर निदेशक कार्यालय तक दौड़ता रहा, अफसरों से गुहार लगाता रहा, पर किसी ने नहीं सुनी। वह भी तब जबकि वेंटिलेटर खाली थे। उधर, इमरजेंसी में भर्ती पत्नी की सांसे वेंटिलेटर का इंतजार करते-करते थम गईं।

विज्ञापन

बीजेपी के एक विधायक से भी कराया फोन

प्रतीकात्मक तस्वीर
तीमारदारों का कहना है कि वेंटिलेटर व मुकम्मल इलाज के लिए पहले खुद गुहार लगाई, फिर बीजेपी के एक विधायक से भी फोन कराया, मगर अफसरों ने अनसुना कर दिया। अगर वे सुन लेते तो अनीता की जान बच जाती। पीड़ित परिवार मामले की शिकायत सीएम से करने की बात कहकर शव लेकर चले गए।

बलरामपुर की अनीता को ब्रेन हैमरेज हुआ था। तीमारदार गंभीर हालत में उसे केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर लाए थे। डॉक्टर जांच के लिए दौड़ाते रहे और उसे बलरामपुर अस्पताल रेफर कर दिया। तीमारदारों ने सोमवार रात उसे बलरामपुर अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया।

महिला की हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे वेंटिलेटर सपोेर्ट पर रखने के लिए फाइल पर लिखा था। पति जगदम्बा अफसर और डॉक्टरों के आगे वेंटिलेटर देने के लिए बुधवार को गुहार लगाता रहा, मगर नहीं मिला। दोपहर बाद अनीता की मौत हो गई। पति का कहना है कि आईसीयू में वेंटिलेटर खाली पड़े थे।
विज्ञापन

केजीएमयू से आए मरीजों को नहीं मिलता वेंटिलेटर

प्रतीकात्मक तस्वीर
बलरामपुर अस्पताल में सीधे भर्ती होने वाले अति गंभीर मरीजों को सिर्फ वेंटिलेटर की सुविधा मुहैया कराई जाती है। केजीएमयू से भेजे गए अति गंभीर मरीजों को यह सुविधा नहीं दी जाती है। निदेशक डॉ. राजीव लोचन का कहना है कि अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों को वेंटिलेटर दिया जाता है।

चार वेेंटिलेटर में दो खाली
बलरामपुर अस्पताल के आईसीयू में चार वेंटिलेटर हैं। बुधवार को दो वेंटिलेटर पर मरीज भर्ती थे, जबकि दो खाली थे। तीमारदार जगदम्बा का कहना है कि वह सुबह से आईसीयू व निदेशक कार्यालय के चक्कर लगाता रहा मगर वेंटिलेटर नहीं दिया गया।

दो वेंटिलेटर पर ही भर्ती थे मरीज
मुझे दो वेंटिलेटर पर मरीज भर्ती होने की जानकारी है। जो लोग इलाज कर रहे थे, वे जानें कि मरीज को वेटिंलेटर की जरूरत थी कि नहीं। - डॉ. राजीव लोचन, निदेशक, बलरामपुर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें