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डेढ़ लाख मीटर खराब, अंदाज से बना रहे बिजली बिल

Mon, 03 Aug 2015 01:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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पावर कॉर्पोरेशन लेसा के खराब बिजली मीटरों को बदलने में नाकाम साबित हुआ है। आलम यह है शहर में करीब एक लाख से ज्यादा मीटर खराब पड़े हैं। ऐसे उपभोक्ताओं से फिक्स बिजली बिल वसूला जा रहा है।
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यह हालात तब हैं जब खराब और चाइनीज मीटर को बदलने के नाम पर दो साल से करोड़ों रुपये  खर्च कर दिए गए। फिक्स बिल से जहां कई उपभोक्ता फायदे में हैं तो कुछ को नुकसान भी हो रहा है।

100 यूनिट खर्च करें या 400, बिल 155 पर ही बनेगा
आठ लाख उपभोक्ता वाले लेसा में खराब मीटर लगे होने के कारण इस वक्त 1,45,179 उपभोक्ताओं के बिजली बिल अंदाजे (विद्युत नियामक आयोग से तय फिक्स रीडिंग) से बन रहे हैं।
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इससे एक किलोवाट का जो उपभोक्ता महीने में 400 यूनिट बिजली जलाता है और जो 100 यूनिट बिजली फूंकता है दोनों को 155-155 यूनिट बिजली का बिल चुकाना पड़ रहा है।

ग्रामीण सर्किल में बिना मीटर 38.5 हजार कनेक्शन

लेसा के ग्रामीण सर्किल में 38,504 बिजली कनेक्शन बिना मीटर चल रहे हैं। 30 जुलाई की रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीण सर्किल के खंड सेस-एक और सेस-दो और मोहनलालगंज में सिर्फ 1729 मीटर लगाए गए हैं।

जबकि लेसा मुख्यालय के एक एक्सईएन ने ग्रामीण सर्किल में नए मीटर लगाने और खराब बदलने की आड़ में जो घोटाला किया, उसके उजागर होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। यहां पर ठेकेदारों ने उपभोक्ता के घर में मीटर लगाए बिना ही सर्टिफिकेट जारी कर दिया था।

खराब मीटर हटाए, स्लो ठोंके
लेसा अफसरों की साठगांठ से ठेकेदारों ने खराब मीटर बदलने की आड़ में अपनी जेब भरी है। ठेकेदारों ने नए मीटरों को पहले स्लो किया फिर उपभोक्ता से मुंहमांगी रकम लेकर खराब मीटर की जगह उसे लगा दिया। इस खेल में बड़ा घोटाला हुआ।

यानी ठेकेदारों ने सिंगल फेज और थ्री फेज मीटरों को गायब कर दिया। लेसा के मुख्य अभियंता ने अब तक मीटरों को गायब करने और हिसाब न देने वालों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज नहीं कराया है।
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ये है शहरों और गांवों का हाल

शहर में--88,920
गांव में--11,083

एक किलोवाट का ऐसे बन रहा बिल
कनेक्शन--फिक्स यूनिट--फिक्स चार्ज
घरेलू--155--90
व्यावसायिक--210--225

कुल उपभोक्ता--8 लाख
एचसीएल सिस्टम पर--7 लाख
अन्य सिस्टम पर--1 लाख

खराब मीटरों के आंकड़ों पर सवाल
पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन को 30 जुलाई तक खराब मीटरों का आंकड़ा 1,06675 बताया गया जिसमें से बदले मीटर का आंकड़ा 6643 पेश किया। वहीं दो अगस्त को लेसा ने खराब मीटर की संख्या 57,253 और बदले मीटरों की तादाद 28,823 बताई। इससे खराब मीटरों के आंकड़ों पर भी सवाल उठ रहे हैं।

इस पर मुख्य ‌अभियंता लेसा सुधीर कुमार वर्मा का कहना है कि बिजली उपभोक्ताओं के कुल खराब मीटर 57,253 हैं। इनमें से करीब 28,823 को बदला जा चुका और अन्य को बदलने की कार्रवाई चल रही है। खराब मीटर को बदलने के लिए एजेंसियों की संख्या बढ़ाई जा रही है।
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