सीएचसी में घंटेभर पहले दिया था जुड़वा बच्चों को जन्म, डफरिन में तीन घंटे बेंच पर लिटाया
सरोजनीनगर सीएचसी में शनिवार सुबह जुड़वा बच्चों को जन्म देने के बाद गंभीर हालत में डफरिन अस्पताल पहुंची प्रसूता को इमरजेंसी में भर्ती करने के बजाय तीन घंटे बेंच पर लिटा दिया गया। सुबह करीब 11 बजे डफरिन पहुंचे सात माह के जुड़वा नवजात को तो भर्ती कर लिया गया, लेकिन मां ओपीडी के बाहर पड़ी रही। इस दौरान गर्मी और उमस से प्रसूता की हालत बिगड़ गई थी। तीमारदारों की शिकायत पर तीन घंटे बाद उसे इमरजेंसी में भर्ती किया गया।
बंथरा मौलवीयखेड़ा निवासी अमरजीत पत्नी विंध्यवासिनी (26) सात माह की गर्भवती थीं। प्रसव पीड़ा होने पर पति उन्हें शनिवार सुबह करीब 10 बजे सरोजनीनगर सीएचसी लेकर पहुंचे। आरोप है कि सीएचसी में कोई डॉक्टर नहीं थी। नर्सों ने सामान्य प्रसव कराया। प्री-मेच्योर जुड़वा बच्चे होने पर नर्सों ने जच्चा-बच्चा को डफरिन अस्पताल रेफर कर दिया। पति 108 एंबुलेंस से तीनों को लेकर डफरिन अस्पताल आए। जहां इमरजेंसी में जुड़वा बच्चों को भर्ती कर लिया। महिला को इमरजेंसी से बाहर कर दिया। वह ओपीडी के बाहर बेंच पर पड़ी थी। करीब तीन घंटे तक प्रसूता को भर्ती नहीं किया गया। तीमारदारों के शिकायत बाद उसे इमरजेंसी में भर्ती करके वार्ड में शिफ्ट कराया गया।
सीएचसी पर नहीं था कोई डॉक्टर
गर्भवती के पिता पुत्तीलाल का कहना है कि सीएचसी पर एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं थे। सीएचसी में मौजूद नर्साें ने सुरक्षित प्रसव कराया। सातवें माह में ही प्रसूता ने दो नवजात को जन्म दिया।
अपनी मर्जी से बेंच पर लेटी थी महिला
महिला अपनी मर्जी से बेंच पर बाहर लेटी थी। उसे भर्ती करने के निर्देश दिए गए थे। प्रसव के बाद आने वाले जच्चा-बच्चा दोनों को भर्ती किया जाता है।
- डॉ. नीरा जैन, निदेशक, डफरिन अस्पताल