प्रदेश के चिकित्सा संस्थानों और मेडिकल कॉलेजों में शीतकालीन अवकाश को निरस्त कर दिया गया है। कोविड-19 संक्रमण के कारण पिछड़े एमबीबीएस पाठ्यक्रम को पूरा कराने और परीक्षा कराने के लिए शासन ने यह दिशा-निर्देश जारी किए हैं। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग एनएमसी ने एमबीबीएस के विभिन्न बैच परीक्षाएं कराने के लिए पहले ही एक एडवाइजरी जारी की है। उसी के अनुसार देश भर में परीक्षाएं होनी हैं।
चिकित्सा शिक्षा विभाग से जारी आदेश के अनुसार कोविड-19 के दौरान मेडिकल कॉलेजों में शैक्षणिक कार्य पूरी तरह से बाधित रहा था। जबकि चिकित्सा शिक्षा में उच्च स्तरीय कौशल केा लिए निर्धारित समय की पढ़ाई जरूरी है। इसी को देखते हुए सभी चिकित्सा संस्थानों, मेडिकल कॉलेजों में शीतकालीन अवकाश को निरस्त किया गया है। इस दौरान पढ़ाई और चिकित्सा सम्बंधी कार्य सामान्य दिनों की तरह ही पूरे किए जाएंगे।
एमबीबीएस प्रथम वर्ष की कक्षाएं 02 फरवरी 2021 से शुरू होंगी। इस दौरान कोविड-19 से बचाव के सभी नियमों का पालन करना हेागा। परीक्षा कक्ष, हॉस्टल और एकेडेमिक ब्लॉक में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। प्रवेश द्वार पर स्कैनिंग, छात्रों को आरोग्य सेतु एप मोबाइल फोन में डाउनलोड करना होगा। प्रत्येक छात्र को अभिभावक का सहमति पत्र भी साथ लाना होगा।
परीक्षाओं का भी कार्यक्रम जारी
एमबीबीएस 2016 बैच फाइनल प्रोफेशनल पार्ट-2 की परीक्षाएं मार्च-अप्रैल में, 2017 बैच फाइनल प्रोफेशनल पार्ट-1 अप्रैल, 2018 बैच सेकेंड प्रोफेशनल अप्रैल, 2019 बैच प्रथम प्रोफेशनल फरवरी और 2020 बैच की जनवरी 2022 में प्रथम प्रोफेशनल और दिसंबर में द्वितीय प्रोफेशलन की परीक्षाएं होंगी। इसी तरह वर्ष 2022, 2023, 2024 और 2025 में होने वाली परीक्षाओं का शेड्यूल जारी कर दिया गया है।