नगराम। धान की रोपाई के महत्वपूर्ण समय पर सिंचाई विभाग ने शारदा नहर हैदरगढ़ शाखा प्रणाली की अल्पिकाओं को अचानक बंद कर दिया है। इससे क्षेत्रीय किसानों में गहरा आक्रोश है। जुलाई का महीना धान की नर्सरी और खेतों में पलेवा लगाने के लिए बेहद अहम होता है।
राष्ट्रीय मजदूर किसान यूनियन के मंडल महामंत्री हरपाल वर्मा सहित बहरौली, अमेठियन पुरवा, मखदूमनगर, जौखंडी और चोलापुर के किसानों ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है। किसानों का कहना है कि वे पूरी तरह नहर के पानी पर निर्भर हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि विभाग ने जल्द पानी नहीं छोड़ा, तो वे रेगुलेटर गेट तोड़ने के लिए बाध्य होंगे।
शारदा सहायक खंड-28 हैदरगढ़ के अधिशासी अभियंता नवनीत कुमार ने बताया कि सुल्तानपुर और जौनपुर जनपदों के किसानों तक सिंचाई का पानी पहुंचना शीर्ष प्राथमिकता है। इसी कारण इस क्षेत्र की सभी अल्पिकाओं को एक सप्ताह के लिए बंद किया गया है। शारदा सहायक पोषक नहर के अचलीखेड़ा रेगुलेटर से करीब 6000 क्यूसेक पानी की मांग है। वर्तमान में केवल 5500 क्यूसेक पानी ही उपलब्ध हो पा रहा है। अभियंता ने किसानों को भरोसा दिलाया कि पर्याप्त पानी की उपलब्धता होते ही बंद पड़ी नहरों को प्राथमिकता के आधार पर दोबारा चालू कर दिया जाएगा।