फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बोर्ड परीक्षकों को मिलेगा विशेष कोड, फर्जीवाड़े पर लगेगी लगाम

Wed, 10 Jan 2018 03:26 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
- फोटो : डेमो
विज्ञापन
जिले में पहली बार बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी करने वाले हर शिक्षक को एक विशेष कोड दिया जाएगा। पूर्व में हुई गड़बड़ियों को देखते हुए यह नई व्यवस्था लागू की जा रही है ताकि परीक्षा में कोई फर्जी परीक्षक बनकर ड्यूटी न कर सके।
विज्ञापन

जिले में बोर्ड परीक्षा के लिए 136 केंद्र बनाए गए हैं।

इन पर ड्यूटी करने के लिए करीब साढ़े तीन हजार से ज्यादा कक्ष निरीक्षकों की आवश्यकता है। परीक्षा कार्यालय जरूरत के सापेक्ष 10 प्रतिशत से ज्यादा (पांच हजार) कक्ष निरीक्षकों की सूची तैयार कर रहा है। सभी स्कूलों से ड्यूटी करने वाले शिक्षकों के कंप्यूटराइज्ड परिचय पत्र मंगाए गए हैं।

परिचय पत्र समेत शिक्षकों का ब्योरा परीक्षा कार्यालय में जमा किया जा रहा है। इसके आधार पर विभाग सभी शिक्षकों को विशेष कोड जारी करेगा। इस कोड से ही ड्यूटी करने वाले शिक्षक पहचाने जाएंगे। यह कोड विभाग के साथ ही शिक्षक के परिचय पत्र पर भी अंकित होगा। बोर्ड परीक्षा में निरीक्षण के समय कोड देखकर ही शिक्षक का पूरा ब्योरा सामने आ जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

परीक्षा ड्यूटी लगाने की प्रक्रिया में भी बदलाव

डेमो - फोटो : डेमो
विभाग ने शिक्षकों की परीक्षा ड्यूटी लगाने की प्रक्रिया में भी बदलाव किया है। विभाग खुद ही शिक्षकों की ड्यूटी दूसरे कॉलेज में लगाएगा। गत परीक्षा तक परीक्षा केंद्रों को कक्ष निरीक्षकों के संख्या की सूची दे दी जाती थी और वे स्वयं फोन कर शिक्षकों को बुलाते थे। लेकिन इस बार विभाग परीक्षकों की ड्यूटी के लिए खुद ही कॉलेज तय कर रहा है।

वहीं इस बार जिन स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है, वहां के शिक्षकों को ड्यूटी के लिए दूसरे परीक्षा केंद्रों पर नहीं भेजा जाएगा। परीक्षा केंद्र के शिक्षकों को निरीक्षण दल में शामिल किया जाएगा । गत बोर्ड परीक्षा में एस पब्लिक स्कूल कुराखर, आरबीएम इंटर कॉलेज लोनापुर में जिस विषय की परीक्षा थी, उसी विषय के शिक्षक परीक्षा कक्ष में ड्यूटी करते मिले थे। वहीं आरबीएम इंटर कॉलेज में एक परीक्षक फर्जी परिचय पत्र के साथ पकड़ा गया था। 

इस बार ड्यूटी करने वाले शिक्षकों की कोडिंग की जा रही है। कोड से उनका पूरा ब्योरा परीक्षा कार्यालय के पास होगा। निरीक्षण के दौरान किसी पर शक हुआ तो वह कोड से पकड़ में आ जाएगा। - डॉ. मुकेश कुमार सिंह, डीआईओएस
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें