जिले में पहली बार बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी करने वाले हर शिक्षक को एक विशेष कोड दिया जाएगा। पूर्व में हुई गड़बड़ियों को देखते हुए यह नई व्यवस्था लागू की जा रही है ताकि परीक्षा में कोई फर्जी परीक्षक बनकर ड्यूटी न कर सके।
जिले में बोर्ड परीक्षा के लिए 136 केंद्र बनाए गए हैं।
इन पर ड्यूटी करने के लिए करीब साढ़े तीन हजार से ज्यादा कक्ष निरीक्षकों की आवश्यकता है। परीक्षा कार्यालय जरूरत के सापेक्ष 10 प्रतिशत से ज्यादा (पांच हजार) कक्ष निरीक्षकों की सूची तैयार कर रहा है। सभी स्कूलों से ड्यूटी करने वाले शिक्षकों के कंप्यूटराइज्ड परिचय पत्र मंगाए गए हैं।
परिचय पत्र समेत शिक्षकों का ब्योरा परीक्षा कार्यालय में जमा किया जा रहा है। इसके आधार पर विभाग सभी शिक्षकों को विशेष कोड जारी करेगा। इस कोड से ही ड्यूटी करने वाले शिक्षक पहचाने जाएंगे। यह कोड विभाग के साथ ही शिक्षक के परिचय पत्र पर भी अंकित होगा। बोर्ड परीक्षा में निरीक्षण के समय कोड देखकर ही शिक्षक का पूरा ब्योरा सामने आ जाएगा।