आयोग ने 17 नवंबर को पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा-2017 की उत्तरकुंजी जारी की थी। आयोग ने सामान्य अध्ययन के दो पेपरों में कुल छह गलत सवाल डिलीट किए थे। उत्तरकुंजी पर 24 नवंबर तक आपत्तियां मांगी गईं थीं। आपत्तियां आने के बाद आयोग ने 19 जनवरी को परिणाम के साथ संशोधित एवं अंतिम उत्तरकुंजी जारी की। संशोधित उत्तरकुंजी में भी आयोग ने चार सवाल डिलीट किए।
इस तरह कुल दस सवाल हटाए गए। हालांकि, अभ्यर्थी इससे संतुष्ट नहीं थे और उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दी। हाईकोर्ट ने एक सवाल हटाने और दो सवालों के जवाब को संशोधित करने को कहा। साथ ही परिणाम संशोधित करने का आदेश दिया। आयोग ने इसी आदेश को सुप्रीमकोर्ट में चुनौती दी है।
पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम संशोधित किए जाने का आदेश हाईकोर्ट ने 30 मार्च को दिया था। आयोग ने हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए एक मई को सुप्रीमकोर्ट में एसएलपी दाखिल की।
आयोग ने काफी समय तक यह स्पष्ट नहीं किया कि परिणाम संशोधित होगा या सुप्रीमकोर्ट में एसएलपी दाखिल की जाएगी। पिछले साल 24 सितंबर को हुई पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा 2017 में शामिल हुए दो लाख 46 हजार 654 अभ्यर्थी आयोग के निर्णय पर टकटकी लगाए बैठे थे।
मुख्य परीक्षा के लिए कुल 14032 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया था। इन अभ्यर्थियों को इंतजार था कि पीसीएस मुख्य परीक्षा 17 मई को होगी या नहीं। अभ्यर्थी उहापोह में थे। इन कारणों से अभ्यर्थियों को दूसरी परीक्षाओं की तैयारियों को लेकर भी कठिनाई का सामना करना पड़ा।