प्रवेश समन्वयक प्रो. मिश्रा के अनुसार बीए और बीएससी को छोड़कर अन्य पाठ्यक्रमों में सिर्फ रैंक के हिसाब से सीटों का आवंटन करना होता है। इसलिए ऑनलाइन काउंसलिंग में कोई समस्या नहीं है।
प्रवेश समन्वयक के अनुसार बीए और बीएससी दोनों में विषयों के कई विकल्प होते हैं। हर विद्यार्थी का अपना विकल्प होता है। इसलिए ऑनलाइन काउंसलिंग करने में थोड़ी समस्या हो सकती है।
ऐसे में इसके विकल्प पर विचार किया जा रहा है। इसके अलावा बीकॉम, एलएलबी, एमबीए, बीपीएड, एमपीएड, एमएड जैसे विषयों में ऑनलाइन काउंसलिंग आसानी से हो सकती है।
लविवि में भले ही मौजूदा सत्र के पीएचडी आवेदन नहीं हो पाए हैं पर अगले दाखिले की तैयारी अभी से शुरू हो गई है। स्नातक और परास्नातक प्रवेश प्रक्रिया 30 जून तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस साल लविवि को पीएचडी अध्यादेश या फिर अन्य किसी औपचारिकता के लिए दाखिले के लिए इंतजार नहीं करना होगा। ऐसे में 30 जून के बाद पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है।