लविवि सहित ज्यादातर संस्थानों में एमबीए का बुरा हाल है। प्लेसमेंट न मिलने की वजह से इससे विद्यार्थियों का मोह भंग हो रहा है। जानकारों के अनुसार एमबीए और बीटेक दोनों पाठ्यक्रमों में यही हाल देखने को मिल रहा है। इसके बजाय लॉ और मानविकी वर्ग के प्रति विद्यार्थियों का रुझान बढ़ रहा है। यही वजह है कि एमबीए के लिए विद्यार्थी नहीं आ रहे हैं।
लखनऊ विवि ने इस साल पहली बार केवल कॉमन एडमिशन टेस्ट (कैट) के स्कोर पर एमबीए के दाखिलों की शुरुआत की थी। इसके आवेदन फॉर्म अक्तूबर में जारी कर दिए गए थे। चार महीने बीतने के बावजूद कैट स्कोर वाले सिर्फ 75 अभ्यर्थियों के आवेदन के बाद विवि को प्रक्रिया बदलनी पड़ी। अब कैट के बजाय प्रवेश परीक्षा पर दाखिले की बात कही गई है।