बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय (बीबीएयू) के तीन सौ से अधिक आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को तीन महीने से वेतन नहीं मिला है। इसके कारण जहां पूर्व में उनकी होली का रंग खराब हो चुका है। वहीं अब कोविड-19 के इस संक्रमण काल में उनके पास दवा खरीदने के भी पैसे नहीं बचे हुए हैं।
विश्विद्यालय के आउटसोर्सिंग कर्मचारी पिछले एक साल से ज्यादा से वेतन संकट से जूझ रहे हैं। कभी दो तो कभी तीन महीने वेतन का संकट ही रहता है। विवि हर बार यूजीसी से फंड न आने की बात कर पल्ला झाड़ लेता है। विवि द्वारा इसके लिए अपना कोई सोर्स नहीं विकसित किया जा सका है। यही वजह है कि अक्सर यह समस्या सामने आ जाती है।
वर्तमान में भी कर्मचारियों ने बताया कि उनको फरवरी से वेतन नहीं मिला है। फरवरी, मार्च और अप्रैल भी बीतने को है। इस तरह उनका तीन महीने का वेतन नहीं मिला है। इसके कारण उनकी होली तो खराब ही हो चुकी है। अब परिवार चलाने के संकट के साथ दवा की भी किल्लत होने लगी है। कई कर्मचारी संक्रमित है या उनके परिजनों को कोविड हुआ है, लेकिन इस विपरीत समय में वे पैसा न होने के कारण दवा भी नहीं ठीक से करवा पा रहे हैं।
वहीं, विवि प्रवक्ता डॉ. रचना गंगवार ने बताया कि यूजीसी से फंड आने में देरी के कारण ही वेतन फंस जाता है। अभी भी इसी वजह से दिक्कत है। कुछ फंड आया है, जल्दी ही एक महीने का वेतन जारी होगा। जैसे-जैसे यूजीसी से फंड आएगा, वैसे-वैसे वेतन जारी होता जाएगा।