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सहयुक्त कॉलेजों में शिक्षकों के फर्जीवाड़े को रोकेगा लखनऊ यूनिवर्सिटी का पोर्टल

Tue, 24 Apr 2018 11:13 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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lucknow university - फोटो : amar ujala
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लखनऊ विश्वविद्यालय के सहयुक्त कॉलेजों में अब योग्यता रखने वाले (अनुमोदित) शिक्षक ही पढ़ाएंगे। लविवि अपने सहयुक्त कॉलेजों में शिक्षक अनुमोदन का फर्जीवाड़ा रोकने के लिए पोर्टल बनाएगा।

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इस पर हर शिक्षक के आधार नंबर सहित अन्य ब्योरे भी दर्ज होंगे। कॉलेजों में शिक्षक अनुमोदन में फर्जीवाड़े के कई मामले सामने आने के बाद यह कवायद शुरू हुई है। इसका सीधा फायदा विद्यार्थियों को मिलेगा।

एक ही शिक्षक का कई कॉलेजों में अनुमोदित दिखाया जा रहा है। इसे रोकने के लिए लविवि  सभी शिक्षकों के आधार नंबर के साथ उनका नाम व अन्य डिटेल पोर्टल पर फीड करेगा। इस तरह एक  से ज्यादा जगह अनुमोदित होने वाले शिक्षकों का नाम तुरंत सामने आ जाएगा।
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राज्य सरकार के नियमों के अनुसार कॉलेज को मान्यता जारी करते समय वहां पढ़ाने वाले शिक्षकों का ब्योरा भी मांगा जाता है। लविवि किसी कोर्स की मान्यता देते समय शिक्षकों का अनुमोदन करता है।

मगर नियमानुसार एक शिक्षक दो कॉलेजों में नहीं पढ़ा सकता। बावजूद इसके ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें कॉलेज विश्वविद्यालय से अर्ह शिक्षकों का अनुमोदन करा लेते हैं, लेकिन बाद में अनुमोदित शिक्षकों के बजाय कम वेतन पर अनर्ह शिक्षकों से पढ़ाई करवाई जाती है। 

शिक्षकों का हो रहा शोषण

निजी डिग्री कॉलेजों में शिक्षकों का शोषण किया जाता है। उन्हें बेहद कम वेतन दिया जाता है। कई बार कागज पर कोई और शिक्षक होता है और उसके स्थान पर शैक्षिक अर्हता न रखने वाले शिक्षक पढ़ाते हैं।

इसलिए शिक्षकों का ब्योरा ऑनलाइन करना जरूरी है। लविवि ने अभी तक अपना ब्योरा जारी नहीं किया है। आधार नंबर मिलान से पहले शिक्षकों का ब्योरा ऑनलाइन जारी किया जाना चाहिए।
- जेपी सिंह, अध्यक्ष, उच्च शिक्षा उत्थान समिति
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अनुमोदन के लिए देना होगा आधार नंबर

शिक्षक अनुमोदन में फर्जीवाड़ा न हो इसके लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। नए सत्र में अनुमोदन से पहले सभी शिक्षकों का आधार नंबर लिया जाएगा। इसके लिए डाटा रिसोर्स सेंटर के सहयोग से पोर्टल भी बनाया जाएगा। इस तरह से शिक्षक अनुमोदन में फर्जीवाड़े पर लगाम लग सकेगी।
प्रो. राजकुमार सिंह,
कुलसचिव, लविवि 
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