निजी डिग्री कॉलेजों में शिक्षकों का शोषण किया जाता है। उन्हें बेहद कम वेतन दिया जाता है। कई बार कागज पर कोई और शिक्षक होता है और उसके स्थान पर शैक्षिक अर्हता न रखने वाले शिक्षक पढ़ाते हैं।
इसलिए शिक्षकों का ब्योरा ऑनलाइन करना जरूरी है। लविवि ने अभी तक अपना ब्योरा जारी नहीं किया है। आधार नंबर मिलान से पहले शिक्षकों का ब्योरा ऑनलाइन जारी किया जाना चाहिए।
- जेपी सिंह, अध्यक्ष, उच्च शिक्षा उत्थान समिति
शिक्षक अनुमोदन में फर्जीवाड़ा न हो इसके लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। नए सत्र में अनुमोदन से पहले सभी शिक्षकों का आधार नंबर लिया जाएगा। इसके लिए डाटा रिसोर्स सेंटर के सहयोग से पोर्टल भी बनाया जाएगा। इस तरह से शिक्षक अनुमोदन में फर्जीवाड़े पर लगाम लग सकेगी।
प्रो. राजकुमार सिंह,
कुलसचिव, लविवि