प्रो. मिश्रा ने बताया कि इसके अगले चरण में इसी पोर्टल के माध्यम से कॉलेजों के एप्रूवल, शिक्षकों के एप्रूवल आदि का काम भी किया जा सकेगा। इससे भ्रष्टाचार पर भी रोक लगाई जा सकेगी। विद्यार्थियों के मोबाइल नंबर उपलब्ध होने से उन्हें परीक्षा आदि के समय एक साथ सूचना भेजी जा सकती है।
131 कॉलेजों की मिलीं सूचनाएं
निदेशक डाटा रिसोर्स सेंटर ने बताया कि विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों की संख्या लगभग 170 है। इसमें से 131 कॉलेजों ने लॉगिन आईडी-पासवर्ड का प्रयोग कर अपने यहां की सूचनाएं साझा की हैं। अन्य कॉलेज, जिन्होंने आईडी-पासवर्ड नहीं लिया है वे डीन कॉलेज डवलपमेंट काउंसिल (सीडीसी) से इसे प्राप्त कर सकते हैं। पोर्टल का फायदा यह होगा कि कॉलेज अपनी सूचनाएं भी इस पर साझा कर सकेंगे।