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LU के पीजी स्टूडेंट्स को मिलेगा जर्मन यूनिवर्सिटी में पढ़ने का मौका

Tue, 05 Dec 2017 01:12 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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लखनऊ विश्वविद्यालय
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लखनऊ विश्वविद्यालय के विद्यार्थी परास्नातक की पढ़ाई के दौरान अब जर्मनी की मार्टिन लूथर यूनिवर्सिटी जा सकेंगे। इसके लिए एलयू और जर्मन विश्वविद्यालय के बीच हुए करार का नवीनीकरण किया जाएगा। इसके लिए सोमवार को जर्मन विवि के चार प्रतिनिधि एलयू पहुंचे।
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उन्होंने लविवि कुलपति प्रो. एसपी सिंह के साथ मिलकर नवीनीकरण में नए प्रावधान शामिल करने पर बात की। इसके तहत पीजी के ज्यादातर विषयों के विद्यार्थियों को सिलेबस का कुछ भाग दूसरे विवि में जाकर पूरा करने का मौका मिलेगा। हालांकि वह विषय दोनों विश्वविद्यालयों में पढ़ाए जाते हों। इस तरह दोनों विवि के बीच शैक्षिक आदान-प्रदान हो सकेगा।

कुलपति प्रो. सिंह ने बताया कि जर्मन विवि के प्रो. क्रिश्चियन तिएट्जी, डॉ. मंजा, प्रो. क्रिश्टिीन और प्रो. इवो ने इच्छा जाहिर की उन्हें यहां के ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थी मिलें। पीजी में सिलेबस का कुछ भाग ऐसे डिजाइन हो ताकि लविवि का विद्यार्थी जर्मनी के विवि में और वहां का स्टूडेंट लविवि में आसानी से पढ़ सके।
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ऐसी गतिविधियों से दोनों विश्वविद्यालयों के बीच शैक्षिक और सांस्कृतिक माहौल बेहतर होगा। इससे पहले भूगर्भ विज्ञान विभाग में एमओयू के बारे में प्रो. पूनम टंडन ने जानकारी दी। 

रिकॉर्डेड लेक्चर की होगी शुरुआत

प्रतीकात्मक चित्र
लखनऊ विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के पास मौका होगा कि वे जर्मन विशेषज्ञों के रिकॉडेड लेक्चर देख और सुन सकें। लेक्चर की सामग्री विवि की लाइब्रेरी में रखी जाएगी। इसे विवि की वेबसाइट से भी जोड़ने की तैयारी है।

सभी विषय होंगे करार का हिस्सा
विवि के पिछले करार में केवल विज्ञान के विषय ही शामिल थे। अब इस करार में कला वर्ग के विषय भी शामिल होंगे। जर्मनी के विश्वविद्यालय में एशियन कल्चर, अरब कल्चर, संस्कृत जैसे विषय भी पढ़ाए जाते हैं। 
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एमओयू के बाद दो साल तक नहीं हुई कोई गतिविधि

लखनऊ विश्वविद्यालय - फोटो : amar ujala
लखनऊ विवि और जर्मन विवि के बीच यह करार वर्ष 2015 में हुआ था। इसके बावजूद अभी तक कोई काम नहीं हुआ था। शैक्षणिक और शोध गतिविधि पूरी तरह से ठप थी। यहां तक कि दोनों विवि के बीच शैक्षिक आदान-प्रदान भी नहीं हुआ। विवि के बाकी एमओयू का भी यही हाल है। 
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