लखनऊ विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (लूटा) ने इसकी तरफ पूर्व में भी ध्यान आकृष्ट किया था। लूटा अध्यक्ष डॉ. विनीत वर्मा ने कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय को पत्र भेजकर डिस्पेंसरी में बेहतर व्यवस्था करने की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि डिस्पेंसरी में अन्य बीमारियों की दवाओं के साथ कोरोना इलाज की प्रारंभिक व्यवस्था की जाए। ऑक्सीजन सिलेंडर, एंबुलेंस व मास्क, पीपीई किट की व्यवस्था हो। डिस्पेंसरी में शिफ्ट वाइज डॉक्टर व स्टाफ की ड्यूटी लगे ताकि आकस्मिक जरूरत पर लोगों को इलाज मिल सके।
लविवि की डीएसडब्ल्यू प्रो. पूनम टंडन का कहना है कि पुराने कैम्पस में तैनात एलोपैथिक डॉक्टर सेवानिवृत्त हो गए हैं। उनके एक्सटेंशन का एप्रूवल हो गया था। उनको पत्र न जारी होने की स्थिति में कुछ कहा भी नहीं जा सकता। कोविड के इलाज या आइसोलेशन की व्यवस्था करना संभव नहीं है। होम्योपैथी के डॉक्टर यहां बैठते हैं।
लविवि के रजिस्ट्रार डॉ. विनोद कुमार सिंह का कहना है कि यह मामला संज्ञान में नहीं है, विवि खुलने पर इसे तुरंत दिखवाया जाएगा। हॉस्टल खाली हैं, ऐसे में शायद इसका समय कम किया गया हो। शिक्षक-कर्मचारियों को समय की जानकारी होगी तो वे निर्धारित समय पर जाकर चिकित्सीय परामर्श लेते होंगे। व्यवस्था बेहतर करने का प्रयास करेंगे।