यूपी में संस्कृत विद्यालयों के छात्र भी अब विज्ञान, कला और वाणिज्य की पढ़ाई कर सकेंगे। मौजूदा समय में यहां इन विषयों की पढ़ाई नहीं होती है। इतना ही नहीं, अंग्रेजी विषय भी अनिवार्य कर दिया जाएगा।
अभी तक यह ऐच्छिक है। इसके लिए उप्र माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद की पाठ्यक्रम समिति ने एक प्रस्ताव तैयार किया है। इसके तहत परिषद के स्कूलों में माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की तरह पाठ्यक्रम लागू करने की तैयारी है।
माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद के सचिव दीप चंद ने बताया कि 19 अप्रैल की होनी वाली परिषद की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगाकर शासन को अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा।
बता दें, पिछले साल प्रदेश में भाजपा सरकार ने सत्ता संभालते ही माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद में बदलाव के संकेत दे दिए थे। इसके तहत परिषद का पुनर्गठन किया गया।