लकनऊ। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के तीन साल बाद हुए चुनाव में प्रदेश भर के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का रविवार को शपथ ग्रहण समारोह हुआ। अध्यक्ष मुकुंद मिश्रा ने अगले तीन साल का विजन पेश करते हुए कहा कि ऑनलाइन बाजार की नीतियों के खिलाफ साल भर अभियान चलेगा, क्योंकि इसकी प्रक्रिया गुमराह करने वाली है। बाल श्रम, जीएसटी की विसंगति के खिलाफ भी अभियान चलाने का फैसला हुआ। हजारों की संख्या में प्रदेश भर से जुटे व्यापारियों ने एक सुर में अफसरों के उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाते हुए सड़कों पर उतरने की चेतावनी भी दी।
चौक स्थित अटल कन्वेंशन सेंटर में रविवार को हुए आयोजन में आगरा में संपन्न हुए संगठन के त्रिवार्षिक चुनाव में नवनिर्वाचित अध्यक्ष मुकुंद मिश्रा, चेयरमैन महेंद्र जैन मयूर, महामंत्री डॉ. दिलीप सेठ, महामंत्री राजेंद्र गुप्ता के अलावा 13 वरिष्ठ उपाध्यक्ष, 25 उपाध्यक्ष, 7 संयुक्त महामंत्री, एक कोषाध्यक्ष, एक सह कोषाध्यक्ष और 25 संगठन मंत्रियों को चुनाव अधिकारी शैलेंद्र शर्मा ने शपथ दिलाई।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष भैरव प्रसाद मिश्रा, साधना सिंह, रामतीर्थ सिंघल, कमलाकंद पांडेय, राजेंद्र शुक्ला, टीकम चंद्र सेठिया समेत अलीगढ़, कानपुर, हरदोई, देवरिया, शाहजहांपुर, बरेली, ललितपुर, झांसी समेत 75 जिलों के करीब 4000 प्रतिनिधियों ने इसमें भाग लिया। लखनऊ महानगर के चेयरमैन सुमेर अग्रवाल, अध्यक्ष अमरनाथ अग्रवाल, महामंत्री योगेन्द्र सिंह, महिला अध्यक्ष ममता जिंदल, प्रदेश युवा अध्यक्ष जितेन्द्र सोनी, महामंत्री संत मिश्रा आदि मौजूद रहे।
ऑनलाइन बाजार की नीतियों से व्यापारी परेशान : मुकुंद
समारोह में अध्यक्ष मुकुंद मिश्रा ने कहा कि छोटे ज्ञापन से काम नहीं चलेगा। हम ऑनलाइन बाजार के खिलाफ नहीं, बल्कि नीति व प्रक्रिया के खिलाफ हैं, क्योंकि सबसे सस्ते की बात कहकर ग्राहकों को गुमराह किया जाता है। खरीद से नीचे बाजार नहीं होना चाहिए। यह लोग कोई चीज सस्ती कर कोई सामान महंगा बेचते हैं। बाल श्रम की अलग विसंगति है। हम सबको अगले तीन सालों के लिए तैयार रहना चाहिए। निर्वाचित जिलाध्यक्षों ने भी अपनी समस्याएं बताईं। व्यापारियों ने सरकार के विभिन्न आयोगों व निगमों में व्यापारियों को पद देने की मांग की। व्यापारियों की फोन डायरेक्ट्री बनाने पर भी सहमति बनी।