लखनऊ। न्यू हैदराबाद स्थित उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान में बुधवार को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर व्याख्यान, गोष्ठी और गुरु सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति में गुरु की भूमिका को रेखांकित करते हुए गुरु-शिष्य परंपरा को बढ़ाने का आह्वान किया गया।
मुख्य वक्ता डॉ. आदित्य मिश्र ने कहा कि व्यक्ति के ज्ञान, संस्कार और चरित्र निर्माण में गुरु की सबसे बड़ी भूमिका होती है। संस्थान के कृति निदेशक डॉ. विनय कृष्ण मिश्र ने बताया कि संस्थान वर्ष 2019 से अब तक 1200 से अधिक गुरुजनों का सम्मान कर चुका है। समारोह में विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों और संस्कृत सेवियों को सम्मानित किया गया।