सीएचसी कैंटीन में चाय पीने के दौरान लापरवाही से हुआ हादसा
स्पार्किंग से बिजली उपकरण भी फुंके, तीन लाख का नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊंचाहार (रायबरेली)। कोतवाली क्षेत्र में मंगलवार की रात सीएचसी ऊंचाहार के वरिष्ठ लिपिक पर बिजली की केबल टूट कर गिर गई। इससे करंट लगने से मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना के समय लिपिक कैंटीन में बैठकर चाय पी रहा था। उसके साथ में बैठे अन्य स्वास्थ्य इस हादसे में बाल-बाल बच गए।
हादसे के बाद हुई स्पार्किंग के कारण आवासीय परिसर स्थित स्वास्थ्य कर्मियों के मकानों में हाई वोल्टेज से घरों में लगे एलईडी बल्ब, कूलर, टीवी, फ्रिज व अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी फुंक गए। इससे तीन लाख के नुकसान का अंदेशा है। हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस जांच पड़ताल कर रही है।
सीएचसी में वरिष्ठ लिपिक के पद पर कार्यरत वाराणसी जिले के चोलापुर थाना क्षेत्र के ग्राम पूरे चितई नेहियां निवासी संतोष कुमार वर्मा (40) बीते मंगलवार की रात लगभग 11 बजे कुछ अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के साथ विभागीय कैंटीन में चाय पी रहे थे। इस दौरान कैंटीन के पास से आवासीय परिसर के लिए गई बिजली की हाइटेंशन लाइन का तार अचानक स्पार्किंग के बाद टूटकर लिपिक पर गिर पड़ा। इससे करंट की चपेट में आने से मौके पर ही उसकी मौत हो गई। सूचना के बाद उपकेंद्र से आपूर्ति बंद की गई।
शव से लिपटकर रोती रही पत्नी संगीता
घटना में जान गंवाने वाले वरिष्ठ लिपिक की पत्नी संगीता, बेटा आयुष व अर्पित वर्मा भदोही में रहते हैं। पति की मौत की सूचना पर बुधवार सुबह सीएचसी पहुंची पत्नी, पति के शव से लिपट कर बिलख उठी। पत्नी ने बताया कि परिवार के साथ रहने के लिए पति भदोही जिले में अपना स्थानांतरण कराने की बात कह रहे थे।
बिजली विभाग की लापरवाही से गई जान
ऊंचाहार। पावर कार्पोरेशन के अधिकारियों की लापरवाही के कारण स्वास्थ्य कर्मी को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। इससे पीड़ित परिवार पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा है। शिकायत के बावजूद सीएचसी परिसर से गुजरी हाइटेंशन लाइन के ढीले तार को विभागीय जिम्मेदारों ने दुरुस्त नहीं कराया। इस कारण मंगलवार रात हवा के झोंके के कारण लटक रहे तार आपस में छू कर स्पार्किंग करने के बाद अचानक टूटकर नीचे गिर पड़े।
हादसे के बाद पावर कार्पोरेशन के कर्मचारियों की नींद टूटी और रात में ही चुपचाप टूटे तार को जोड़ कर ढीले लटक रहे तारों को कसा गया। सीएचसी पर तैनात डॉ. हिमांशु त्रिपाठी, डॉ. प्रवीण कुमार व प्रियांशू ने बताया कि शिकायत के बावजूद बिजली सप्लाई के लटकते तार कसे न जाने के कारण ही यह जानलेवा हादसा हुआ है।