शहर में छह तो ग्रामीण क्षेत्र में 10 घंटे बंद रही बिजली
पेयजल समस्या से जूझे लोग, दिन भर लगी रही आवाजाही
संवाद न्यूज एजेंसी
रायबरेली। बारिश होने से भले ही बिजली की मांग 350 से घटकर 300 मेगावाट के आसपास आ गई, लेकिन लाइनों में फॉल्ट की वजह से लोगों को बिजली संकट से जूझना पड़ा। शहर में छह तो ग्रामीण अंचलों में 10 घंटे बिजली गुल रही। इसके बाद बिजली आपूर्ति बहाल हुई तो आने-जाने का सिलसिला लगा रहा। बिजली गुल होने से लोगों को पेयजल की समस्या से जूझना पड़ा।
बुधवार को तडक़े करीब चार बजे बारिश शुरू हुई तो शहर के इंदिरा नगर विद्युत उपकेंद्र की 33 केवी लाइन में फॉल्ट आ गया। काफी प्रयास करने के बाद आपूर्ति शुरू नहीं हुई। इसके बाद कर्मचारियों की टीम ने फॉल्ट की खोजबीन शुरू की। त्रिपुला के पास इंसुलेटर खराब मिला। इसके कुछ आगे जंफर कथा मिला। कर्मचारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद बिजली आपूर्ति शुरू की। इसके बाद सुबह 10 बजे बिजली आपूर्ति बहाल हुई। सुबह-सुबह बिजली गुल होने से लोगों को पेयजल की समस्या से जूझना पड़ा।
इसी तरह विद्युत उपकेंद्र कठगर की लाइनों में फॉल्ट आने से पांच घंटे बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। ग्रामीणों को बिजली संकट से जूझना पड़ा। उत्तर पारा उपकेंद्र के निकले मधुपुरी फीडर पर नथईपुर गांव के पास बांस रख जाने से तार टूट गया। इससे 10 घंटे बिजली बंद रही। इसी तरह खीरों, सरेनी, मल्केगांव, महराजगंज क्षेत्र में बारिश के बाद बिजली की आवाजाही से लोग बेहाल रहे। किसान रामकुमार, रामअवधेश, शंकरलाल यादव ने बताया कि बिजली के तार इतने जर्जर हैं कि माममूली हवा चलने या बारिश होने से बिजली गुल हो जाती है। जर्जर तारों को बदलवाया नहीं जा रहा है। उधर, अधीक्षण अभियंता रामकुमार ने बताया कि बारिश की वजह से कुछ जगह फॉल्ट आए थे। इस वजह से बिजली बंद रही। सभी जगह फॉल्ट ठीक हो गए है। अब बिजली आपूर्ति चल रही है।