प्रदेश में व्याप्त बिजली संकट पर केंद्र ने अखिलेश सरकार को करारा जवाब दिया है, केंद्रीय बिजली मंत्री पीयूष गोयल ने अखिलेश सरकार पर संजीदा आरोप लगाए हैं।
पीयूष ने अपने बयान में कहा है कि उन्होंने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से संपर्क करने का प्रयास किया था लेकिन अखिलेश ने अब तक उनके फोन का जवाब नहीं दिया है।
जिसके बाद अब खुद अखिलेश अपने जाल में फंसते नजर आ रहे हैं। गौरतलब है कि प्रदेश में बिजली कटौती के कारण जगह जगह पर प्रदर्शन हो रहे हैं, वहीं कल भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसी मुद्दे को लेकर शक्ति भवन का घेराव किया था।
लगातार घिर रही है सरकार
केंद्रीय मंत्री के बयान के बाद अब अखिलेश सरकार खुद घिरती जा रही है, जो कि केंद्र से उल्लेखनीय है कि अभी अखिलेश ने बिजली संकट पर प्रधानमंत्री से मुलाकात करने की बात कही थी।
अखिलेश सरकार का दावा था कि केंद्र से कोटे की पूरी बिजली न मिल पाने की वजह से प्रदेश में बिजली संकट गहराता जा रहा है। केंद्रीय बिजलीघरों से यूपी का कोटा 6000 मेगावाट है जबकि बमुश्किल 4500 मेगावाट बिजली ही मिल पा रही है।
यही नहीं अनपरा बिजलीघर में कोयले की पर्याप्त आपूर्ति न होने से भी उत्पादन पर असर पड़ रहा है। जबर्दस्त किल्लत को देखते हुए प्रदेश की ओर से केंद्र से गैर आवंटित कोटे की बिजली पर दावा किया जा रहा है।
बिजली उत्पादन तो सुधरा पर संकट बढ़ा
प्रदेश के बिजलीघरों के उत्पादन में सुधार के बावजूद सूबे में बिजली का संकट बना हुआ है।
हालांकि भीषण गर्मी को देखते हुए पावर कॉर्पोरेशन रोजाना 10 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिजली खरीदकर आपूर्ति व्यवस्था पटरी पर रखने का प्रयास कर रहा है लेकिन केंद्रीय कोटे की बिजली में कमी ने उसकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
प्रदेश में बिजली की मांग 12,000 से 12,500 मेगावाट बनी हुई है जबकि अधिकतम उपलब्धता 11,500 मेगावाट तक ही हो पा रही है।
अभियंताओं का कहना है कि अगर केंद्रीय कोटे की पूरी बिजली मिल जाए तो शिड्यूल के अनुसार आपूर्ति में कोई समस्या नहीं है।
ये है वास्तविकता
मांग और उपलब्धता में लगभग 1000-1500 मेगावाट का अंतर है और इतनी ही बिजली केंद्र से नहीं मिल पा रही है।
अभियंताओं के अनुसार केंद्रीय सेक्टर के तापीय से लेकर परमाणु बिजलीघर तक के उत्पादन में तकनीकी कारणों से कमी हुई है जिससे सबसे ज्यादा हिस्सा यूपी का ही कम हुआ है।
वैसे मौसम में बदलाव होने की वजह से मांग थोड़ी कम हुई लेकिन बिजली की कमी बनी हुई है और शिड्यूल के मुताबिक आपूर्ति में दिक्कत आ रही है।