सीएम योगी, जेपी नड्डा और पीएम मोदी (फाइल)
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सूत्रों के मुताबिक मुलाकात के दौरान सर्वाधिक चर्चा विधानसभा उपचुनाव को ले कर हुई। लोकसभा चुनाव में विपक्ष की आरक्षण और संविधान खत्म करने की बनाई गई धारणा से हुए सियासी नुकसान की भरपाई के लिए की गई तैयारियों पर भी दोनों नेताओं के बीच अहम बातचीत हुई। सूत्रों का कहना है कि ओबीसी को बेहतर संदेश देने के लिए 69 हजार शिक्षक भर्ती मामले का राजनीतिक हल निकालने पर भी चर्चा हुई है। अगर सबकुछ ठीक ठाक रहा तो उपचुनाव से पहले इस विवाद का हल निकाला जाएगा।
उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यानाथ रविवार को अचानक राजधानी दिल्ली पहुंचे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मैराथन बैठक की। बैठक में महाकुंभ के जरिए हिंदू समाज में एकजुटता का संदेश देने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। गौरतलब है कि बीते दिनों संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ मुलाकात में भी सीएम योगी ने इस विषय पर चर्चा की थी। तब उन्होंने कहा था कि महाकुंभ में लिंगायत समेत सनातन धर्म से जुड़े अलग—अलग संप्रदाय को आमंत्रित करने की योजना है। संघ ने सीएम योगी के इस विचार का समर्थन किया था।
बटेंगे तो कटेंगे बनाम एक हैं तो सेफ हैं
बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद अल्पसंख्यक हिंदुओं पर अत्याचार के दौरान सीएम योगी ने बटेंगे तो कटेंगे का नारा दिया था। संघ ने इस नारे का समर्थन किया था। इसके बाद पीएम ने इसकी अगली कड़ी में एक हैं तो सेफ हैं का नारा दिया था। सीएम योगी का यह नारा झारखंड और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव प्रचार में चर्चा में है।