अखिलेश यादव सरकार की कैबिनेट बैठक में मंगलवार सुबह कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लग गई।
सबसे बड़े फैसले के तहत सात नई तहसीलों का गठन हुआ।
इसमें बांदा में पैलानी, चित्रकूट में राजापुर, औरैया में अजीतमल, इटावा में ताखा, वाराणसी में राजा का तालाब, सीतापुर में महौली और खीरी में मितौली तहसीलों का गठन हुआ।
पांच दिसंबर से विधानसभा का सत्र शुरू होने की वजह से यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही थी।
इसके अलावा, अखिलेश सरकार ने मुजफ्फरनगर दंगों के पीड़ितों को रानी लक्ष्मीबाई पेंशन योजना दिए जाने पर भी मुहर लगा दी। इस पेंशन योजना की राशि 400 रुपए है।
एक और फैसले में आईटीआई में कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर इंस्ट्रक्टर रखने की बात पर भी सहमति हुई। शताब्दी अस्पताल का संचालन पहले की तरह किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी ही करती रहेगी।
इसके अलावा केजीएमयू में इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर करने पर भी सहमति बनी है। सीएम अखिलेश ने बताया कि इससे एमडी, एमएस और एमसीएच की सीटों को बढ़ाने में मदद मिलेगी। हालांकि, इसका अंतिम निर्णय एमसीआई लेता है।
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इसके अलावा आजमगढ़, कन्नौज में अंडरग्राउंड बिजलीलाइन के प्रस्ताव पर भी मुहर लगा दी गई।
बैठक में कॉमर्शियल टैक्स का श्रेणीकरण किए जाने के लिए उत्तर प्रदेश नगर निगम (संपत्ति कर द्वितीय संशोधन) नियमावली को भी मंजूरी मिल गई।
इस नियमावली के पास होने के बाद व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से श्रेणीकरण के आधार पर हाउस टैक्स की वसूली की जाएगी। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से हाउस टैक्स वसूली के लिए कुल नौ श्रेणियां बनाई गई हैं।
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इसके अलावा राजधानी में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के आधार पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम बनाने संबंधी प्रस्ताव को भी कैबिनेट मंजूरी मिल गई।
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