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कैबिनेट बैठक: योगी ने पूर्ववर्ती अखिलेश सरकार का एक और फैसला पलटा, निकायों में भर्ती पर लिया निर्णय

Wed, 03 Jan 2018 10:56 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala
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योगी सरकार ने नए साल की पहली कैबिनेट बैठक में अखिलेश सरकार के एक और बड़े फैसले को पलट दिया। अब नगर निकायों में कर्मचारियों की भर्ती अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से ही होगी। मई-2016 में यह अधिकार नगर विकास विभाग को दे दिया गया था।

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कैबिनेट की फैसलों की जानकारी देते हुए प्रमुख सचिव, सूचना अवनीश अवस्थी ने बताया कि नगर निकायों में भर्ती आयोग के माध्यम से कराने के लिए नियमावली में संशोधन के प्रस्तावों पर मुहर लगा दी गई है। गौरतलब है कि नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायत आदि में केंद्रीयत व अकेंद्रीयत सेवाओं के करीब 2500 पद खाली हैं। कैबिनेट के फैसले से इन पदों पर आयोग ही भर्तियां करेगा।

यूपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी
उप्र. मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के गठन के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। भविष्य में जिन भी शहरों में मेट्रो आएगी, उसका काम इस कॉर्पोरेशन की देखरेख में होगा। किसी भी शहर के लिए अलग से मेट्रो कॉर्पोरेशन का गठन नहीं होगा। लखनऊ मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन को भी इसके अधीन लाया जाएगा।

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पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के लिए नए सिरे से मांगे जाएंगे टेंडर

- फोटो : amar ujala
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के आठों पैकेजों को लिए ईपीसी पद्धति पर नए सिरे से निर्माणकर्ताओं के चयन के लिए तैयार आरएफक्यू (रिक्वेस्ट फॉर क्वालिफिकेशन) पर कैबिनेट ने मुहर लगा दी है। साथ ही मध्य (डिवाइडर) से एक तरफ की चौड़ाई अब 4.5 मीटर से बढ़ाकर 5.5 मीटर करने का भी फैसला किया गया है। एक्सप्रेस-वे के निर्माण पर 13100 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि एक्सप्रेस-वे के लिए वित्तीय व तकनीकी बिड की प्रक्रिया 25 मार्च तक पूरी कर ली जाएगी। निर्माणकर्ताओं के चयन के लिए दो चरणों में निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी। इस परियोजना के लिए कुल 4332.3300 हेक्टेयर जमीन की जरूरत है। अब तक 82.54 फीसदी जमीन खरीदी जा चुकी है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे को अयोध्या, गोरखपुर व वाराणसी से भी जोड़ा जाएगा।

अयोध्या से लिंक करने के लिए पीडब्ल्यूडी फोर लेन प्रवेश नियंत्रित ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे ‘अयोध्या लिंक एक्सप्रेस-वे’ के रूप में विकसित करेगा। एक्सप्रेस-वे को गोरखपुर से जोड़ने के लिए गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे की प्री फिजिबिलिटी स्टडी कराई जा रही है। वाराणसी और आजमगढ़ के बीच एनएच-28 और एनएच-233 को चार लेन किया जा रहा है।

इसमें आजमगढ़ में एक बाईपास भी प्रस्तावित है। यही बाईपास पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे को वाराणसी से जोड़ेगा। एक्सप्रेस-वे परियोजना को ईपीसी पद्धति पर लागू करने के लिए प्रथम चरण में आठों पैकेजों के लिए निर्माणकर्ताओं के चयन के लिए आरएफक्यू का ड्राफ्ट कैबिनेट के सामने रखा गया, जिसे सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई।

15 वर्ष के लिहाज से डिजाइन होगा एक्सप्रेस-वे

प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
प्रमुख सचिव, सूचना अवनीश अवस्थी ने बताया कि पहले एक्सप्रेस-वे 10 वर्ष तक के लिए डिजाइन किया गया था, अब इसे बढ़ाकर 15 वर्ष कर दिया गया है। इसके साथ ही सड़क का दायरा (राइट ऑफ वे) भी 110 मीटर से बढ़ाकर 120 मीटर कर दिया गया है।

कूडे़भार में बनेगी हवाई पट्टी
सुल्तानपुर जिला स्थित कूड़ेभार में एयर स्ट्रिप (हवाई पट्टी) बनाने का फैसला भी किया गया है।

नाबार्ड से 2400 करोड़ रुपये लोन लेगा सहकारी ग्राम विकास बैंक
सहकारी ग्राम विकास बैंक अब नाबार्ड से 2400 करोड़ रुपये लोन ले सकेगा। इसके लिए शासकीय गारंटी के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इसके अलावा वर्ष 2017-18 में 1 जुलाई से 30 जून तक 1040 करोड़ रुपये की सीमा तक ऋण या अन्य तरह की निकासी को भी स्वीकृति दी गई है।

उपकर बढ़ाने के लिए निर्माणाधीन भवनों का होगा जीआईएस सर्वे

- फोटो : amar ujala
कैबिनेट ने मजदूरों के कल्याण के लिए उप्र. भवन एवं अन्य सन्निर्माण नियमावली में द्वितीय संशोधन को हरी झंडी दे दी है। इसके तहत उपकर वसूली बढ़ाने के लिए निर्माणाधीन भवनों का जीआईएस सर्वे होगा। उपकर के दायरे में आने वाली हर बिल्डिंग पर पूरी पारदर्शिता के साथ टैक्स की वसूली होगी।

इसके अलावा श्रमिकों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का लाभ लेने के लिए उनका अंशदान 5 वर्ष से घटाकर एक वर्ष कर दिया गया है। इससे कम समय के लिए काम करने आने वाले श्रमिकों को भी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।

एक अन्य फैसले में कैबिनेट ने पंजीकृत श्रमिकों को आर्थिक सहायता देने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी है। इसके लिए नियमावली की धारा-22 सी में संशोधन किया गया है।

डिग्री कॉलेजों में पढ़ा रहे रिटायर्ड शिक्षकों का बढ़ेगा मानदेय

- फोटो : amar ujala
कैबिनेट ने राजकीय व एडेड महाविद्यालयों में तैनात सेवानिवृत्त शिक्षकों का मानदेय बढ़ाने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी है। हाल ही में सरकार ने रिक्त पदों पर स्थायी नियुक्ति न होने तक रिटायर्ड शिक्षकों को तैनात करने का फैसला किया था। 25 नवंबर 2013 के शासनादेश में निर्धारित मानदेय बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया था। लेकिन तब मंजूरी नहीं मिल सकी थी। राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि मानदेय बढ़ाने से राज्य विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।

तय समय तक काम कर चुके अनियमित कार्मिकों को मिलेंगी सभी सुविधाएं
एक निश्चित अवधि तक काम कर चुके अनियमित कार्मिकों को कर्मकार की श्रेणी में रखते हुए उन्हें अन्य स्थायी कार्मिकों की तरह ही सभी सुविधाएं, भत्ते व मानदेय देने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इसके लिए उप्र. औद्योगिक सेवायोजन मॉडल स्थायी आदेश प्रथम संशोधन-2017 को मंजूरी दी गई है। अब तक 1992 में बने नियम के हिसाब से लाभ दिए जा रहे थे।
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नॉन जीएसटी अल्कोहल पर टैक्स की दर घटाकर 5 प्रतिशत की

कैबिनेट ने नॉन जीएसटी अल्कोहल पर टैक्स की दर 32.5 प्रतिशत से घटाकर सशर्त 5 प्रतिशत करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। उत्तर प्रदेश मूल्य संवर्धित कर अधिनियम-2008 की धारा-4 की उपधारा (4) के तहत राज्य के भीतर अल्कोहलिक लिकर फॉर ह्यूमन कंजम्प्शन के निर्माण के लिए नॉन जीएसटी अल्कोहल पर टैक्स की दर 5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव लाया गया था।

इसमें शर्त थी कि अधिनियम के अंतर्गत जारी रिटर्न के साथ विक्रेता व्यापारी द्वारा इस आशय का प्रमाणपत्र आबकारी विभाग से लिया जाएगा कि इस अल्कोहल का प्रयोग अल्कोहलिक लिकर फॉर ह्यूमन कंजम्प्शन के निर्माण में होगा।
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