प्रदेश की योगी सरकार ने मंगलवार को प्रदेश के 52 लाख बुजुर्गों को बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता वाली प्रदेश कैबिनेट ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत दी जाने वाली वृृद्धावस्था पेंशन 400 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
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राज्य सरकार के प्रवक्ता व ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा तथा स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। शर्मा ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 60 वर्ष से 79 वर्ष आयु वर्ग के बुजुर्गों को 400 रुपये पेंशन मिल रही है। इसमें 200 रुपये केन्द्रांश तथा 200 रुपये राज्यांश शामिल है।
80 वर्ष व इससे अधिक उम्र वाले बुजुर्गों को 500 रुपये प्रतिमाह पेंशन शत-प्रतिशत केंद्र्रांश से दी जा रही है। प्रदेश सरकार ने 60 से 79 वर्ष वाले बुजुर्गों को भी 500 रुपये प्रतिमाह पेंशन देने के लिए राज्यांश के हिस्से को 200 रुपये से बढ़ाकर 300 करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस तरह इस आयु वर्ग वाले बुजुर्ग भी 500 रुपये महीने पेंशन पा सकेंगे। नई व्यवस्था एक जनवरी 2019 से लागू होगी। अर्थात 60 से 79 वर्ष वाले बुजुर्गों को जनवरी से ही 500 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से भुगतान शुरू हो जाएगा।
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इसके अलावा होटल और पब में बीयर बनाने को मंजूरी दे दी गई है। महाराष्ट्र, कर्नाटक सहित कई राज्यों में यह व्यवस्था पहले से लागू है। वहीं रायबरेली एम्स के लिए जर्जर 76 मकान ध्वस्त होंगे। साथ ही एम्स की तरह पीजीआइ में रेजिडेंट डाक्टरों की भर्ती उम्र 35 से बढ़ाकर 37 कर दी गई है।
प्राइमरी स्कूल में सहायक अध्यापक की भर्ती के लिए बीटीसी के साथ बीएड योग्यताधारी भी मान्य होंगे। इसे नियमवाली के परिशिष्ट में शामिल किया गया है। वहीं सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग विभाग ने एकमुश्त बजट खर्च की जानकारी कैबिनेट को दी।
होटल, क्लब, पब व रेस्टोरेंट में मिलेगी अब ताजी बीयर
प्रदेश के होटल, रिसार्ट, रेस्टारेंट, पब व वाणिज्यिक क्लबों में अब अच्छी गुणवत्ता की ताजी बीयर मिल सकेगी। प्रदेश कैबिनेट ने कर्नाटक, महाराष्ट्र, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलांगाना, हरियाणा व दिल्ली जैसे राज्यों की तरह प्रदेश के होटलों, क्लबों व पबों आदि में ही बीयर उत्पादन की अनुमति से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके लिए नियमों में बदलाव किए गए हैं।
ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि प्रदेश केनोएडा, आगरा, वाराणसी व लखनऊ आदि शहरों में देशी-विदेशी पर्यटकों का आवागमन तेजी से बढ़ा है।होटल, रेस्टोरेंट आदि में बीयर उत्पादन यूनिट (माइक्रो ब्रिवरी) लगाने की अनुमति से एक ओर उपभोक्ताओं को अच्छी गुणवत्ता की ताजी बीयर मिल सकेगी, दूसरी ओर रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे।
इससे प्रदेश के राजस्व में भी वृद्धि होगी। शर्मा ने बताया कि होटल-रेस्टोरेंट आदि में लघु आसवनियों (माइक्रो ब्रिवरी) की स्थापना के लिए यूपी आसवनी छठवां संशोधन नियमावली-2019 को मंजूरी दी गई है।
एसजीपीजीआई में अब 37 वर्ष तक सीनियर रेजीडेंट की हो सकेगी नियुक्ति
प्रदेश कैबिनेट ने संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ में सीनियर रेजिडेंट के पद पर नियुक्ति के लिए अधिकतम आयु सीमा 35 वर्ष से बढ़ाकर 37 वर्ष करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बताया बताया कि केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने छह फरवरी 2018 को एक आदेश जारी कर केन्द्र सरकार के अधीन आने वाले अस्पतालों, स्वायतशासी संस्थाओं में सीनियर रेजीडेंट के पद पर नियुक्ति के लिए अधिकतम आयु सीमा 37 वर्ष तय कर दी है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान नई दिल्ली ने 06 मार्च 2018 से केंद्र सरकार की इस व्यवस्था को स्वीकार कर लिया है।
प्रदेश सरकार ने एम्स की तरह एसजीपीजीआई में भी रेजीडेंसी स्कीम को लागू करने का फैसला करते हुए सीनियर रेजीडेंट की नियुक्ति के लिये अधिकतम आयु सीमा 37 वर्ष करने को मंजूरी दे दी है। इसके लिए एसजीपीजीआई की प्रथम नियमावली-2011 में संशोधन कर दिया गया है।
अब केंद्र सरकार की रेजीडेंसी स्कीम के अंतर्गत सीनियर रेजीडेंट के पद पर नियुक्ति के लिए आयु सीमा 37 वर्ष होगी। एससी-एसटी, व अन्य पिछड़े वर्गों के अभ्यर्थियों के मामले में आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट मिलेगी। एम्स की तरह अन्य श्रेणियों पर भी छूट मिलेगी।