लखनऊ। सुल्तानपुर के ज्ञानीपुर शिवगढ़ निवासी कैब चालक मो. गुलफाम अहमद का अपहरण कर हत्या कर दी गई। उनकी चाकू से गोदकर हत्या किए जाने की बात नामजद आरोपी ने पूछताछ में कबूली है। साथ ही शव को बाराबंकी में फेंके जाने का दावा किया है। फिलहाल शव अब तक बरामद नहीं हो सका है।
इस मामले में गुलफाम के भाई इश्तियाक अहमद ने तीन नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ अपहरण और हत्या की एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस ने कार बरामद कर ली है।
इश्तियाक अहमद के अनुसार, मो. गुलफाम 22 मई को गोरखपुर से अर्टिगा कार लेकर लखनऊ के लिए निकले थे। इसके बाद वह घर नहीं पहुंचे। काफी तलाश के बावजूद उनका कुछ पता नहीं चला। गोरखपुर निवासी वाहन मालिक शंकर ने गुलफाम की गुमशुदगी बांसगांव थाने में दर्ज कराई थी। इसके बाद परिजनों ने दो जून को चिनहट थाने में गुलफाम के लापता होने की एफआईआर दर्ज कराई।
भाई के पास अनजान नंबर से आई थी कॉल
इश्तियाक का आरोप है कि कुछ दिन पहले उनके पास अनजान नंबर से कॉल आई। फोनकर्ता ने बताया कि गुलफाम को बाराबंकी हुसैनमऊ निवासी आदिल, उसका भाई साहिल, चिनहट के कंचनपुर मटियारी निवासी समीर और उनका एक साथी जबरन अपने साथ ले गए थे। इसके बाद उन्होंने चारों लोगों पर अपहरण कर भाई की हत्या का आरोप लगाते हुए रविवार को चिनहट थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। इंस्पेक्टर दिनेश चंद्र मिश्र ने बताया कि पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
नशे में विवाद की बात सामने आई
पुलिस के सूत्र बताते हैं के चिनहट पुलिस ने गुलफाम की अर्टिगा कार को बाराबंकी से बरामद किया है। गाड़ी से चार नंबर प्लेट भी मिली हैं। कार को बाराबंकी पुलिस ने लावारिस हालत में शहर कोतवाली इलाके से बरामद किया था। इस मामले में चिनहट पुलिस ने नामजद एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने बताया कि शराब के नशे में हुए विवाद के बाद उन लोगों ने मिलकर चाकू से गोदकर गुलफाम की हत्या कर दी और शव बाराबंकी में फेंक दिया।