यूपीपीसीएल के कर्मचारियों के पीएफ घोटाले में आर्थिक अपराध अनुसंधान (ईओडब्ल्यू) ने पूरे घोटाले के मुख्य सूत्रधार ललित गोयल को गिरफ्तार किया है। ललित ब्रोकरेज फर्म एसएमसी का चार्टर्ड एकाउंटेंट (सीए) है।
एसएमसी ने पंजाब नेशन बैंक हाउसिंग और दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड में निवेश कराने के लिए ब्रोकरेज फर्म की भूमिका निभाई थी।
सूत्रों ने बताया कि ललित गोयल ब्रोकरेज के नाम पर करोड़ों रूपये की धांधली कराने का मुख्य सूत्रधार रहा है। एसएमसी के खातों में ब्रोकरेज की जो पहली रकम आई वह भी ललित गोयल के ही माध्यम से आई थी।
इतना ही नहीं ललित गोयल ने ही ट्रस्ट के सचिव पीके गुप्ता के बेटे अभिनव गुप्ता की भी मदद फर्जी फर्म उपलब्ध कराने में की थी। ईओडब्ल्यू के अधिकारियों का कहना है कि पीएफ के निवेश में घोटाले की शुरुआत ही ललित ने की थी।
इस मामले में इससे पहले 16 लोगों को गिरफ्तारी हो चुकी है। इसमें यूपीपीसीएल के पूर्व एमडी एपी मिश्रा, वित्त निदेशक सुधांशु द्विवेदी और ट्रस्ट के सचिव पीके गुप्ता, चार चार्टर्ड एकाउंटेंट और कई फर्मों के मालिक शामिल हैं।