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Lucknow News: फ्लैट बेचने के बाद सड़क का बिल थमाया, बंधा रोड की लागत चुकाएंगे खरीदार

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नरेश शर्मा

लखनऊ। गोमतीनगर विस्तार के सेक्टर-7 में गोमती नदी पर एलडीए जो बंधा रोड बना रहा है उसकी लागत आवंटियों से वसूलने को लेकर बखेड़ा शुरू हो गया है। इस इलाके में तीन बिल्डरों के अपार्टमेंट हैं। इनमें से एक रिशिता डवलपर्स ने अपने हिस्से के 21.34 करोड़ रुपये की वसूली के लिए आवंटियों को नोटिस देना शुरू कर दिया है। सवा लाख रुपये से लेकर दो लाख रुपये की वसूली के नोटिस आवंटियों को पहुंच रहे हैं। कब्जा देने के वक्त इस अतिरिक्त डिमांड से आवंटी नाराज हैं। वे यूपी रेरा में जाने की तैयारी में हैं।

फ्लैट खरीदारों का तर्क है कि रिशिता डवलपर्स के सुधीर कुमार अग्रवाल ने ओमेक्स सिटी से लगभग 11 एकड़ जमीन खरीद करके बहुमंजिला मैनहट्टन ग्रुप हाउसिंग विकसित की है। रिशिता के दो हजार से अधिक फ्लैट हैं। आवंटियों ने वर्ष 2015 से 2019 तक इसके लिए पंजीकरण कराया था। रजिस्ट्री के दौरान सभी तरह के विकास शुल्क उन्होंने चुकता कर दिए थे। फिलहाल करीब 150 परिवार हैं जो रिशिता डवलपर्स के फ्लैटों में कब्जा पाने के लिए दौड़-भाग कर रहे हैं। इनमें से काफी लोग बंधा शुल्क के लिए नोटिस पा चुके हैं। शनिवार को फ्लैट खरीदारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने एलडीए पहुंच कर अफसरों के सामने नोटिस को लेकर सवाल खड़े किए।
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आवंटियों का सवाल-जो रह रहे उनसे क्यों नहीं वसूली, हमसे क्यों

फ्लैट खरीदारों का कहना है कि जो अब रजिस्ट्री कराने के बाद फ्लैट पर कब्जा लेने पहुंच रहे हैं उनसे एरिया के हिसाब से बंधा शुल्क की मांग की जा रही है। उनका सबसे बड़ा सवाल यही है कि जो पहले से अपार्टमेंट में रह रहे हैं उनसे क्यों नहीं बंधा शुल्क की मांग की जा रही है?

चेताया : नहीं माने तो यूपी रेरा की शरण में जाएंगे

आवंटियों का कहना है कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे मामले को यूपी रेरा में ले जाएंगे। फ्लैट खरीदारों ने बताया कि यूपी रेरा को साक्ष्य सहित जानकारी देंगे कि रजिस्ट्री के दौरान विकास शुल्क सहित अन्य देयों का वे भुगतान कर चुके हैं। इसलिए अब नई डिमांड वाजिब नहीं है।

बंधा शुल्क की ऐसे शुरू हुई कहानी...

बंधा शुल्क को लेकर कहानी शुरू होती है ओमेक्स को लिखे गए एक पत्र से। यह पत्र एलडीए ने लिखा और बंधा शुल्क की मांग की। एलडीए उपाध्यक्ष डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी बताते हैं कि गोमती नदी बंधा रोड का निर्माण करने के लिए ओमेक्स से पूर्व में हुए एमओयू के आधार पर बंधा शुल्क मांगा गया है। इस पत्र के बाद ओमेक्स सिटी की तरफ से रिशिता डवलपर्स के सुधीर कुमार अग्रवाल को 31 मार्च को चिट्ठी लिखी गई। इसमें ओमेक्स ने रिशिता डवलपर्स से उसके हिस्से के 21 करोड़ 34 लाख 32 हजार 630 रुपये मांगे हैं।
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एलडीए वसूल चुका 60 करोड़



बंधा रोड का निर्माण करने के लिए एलडीए दो बिल्डरों से 60 करोड़ की वसूली कर चुका है। सूत्रों के मुताबिक एमआर-एमजीएफ ग्रुप 40 करोड़ एवं ओमेक्स 20 करोड़ रुपये इस मद में जमा कर चुका है। एमआर-एमजीएफ पर 70 करोड़ एवं ओमेक्स पर 36 करोड़ इस मद में बकाया है। बाकी रकम को भी जमा करने के लिए बिल्डरों को निर्देश दिए गए हैं।
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