गंभीर रोग से पीड़ित गरीब मरीजों के लिए राहत की खबर है। केजीएमयू में सोमवार को केंद्र सरकार की योजना के तहत दीनदयाल अमृत फार्मेसी के दो काउंटर खुल गए हैं।
पुरानी ओपीडी और शताब्दी फेज-1 में अमृत फार्मेसी से मरीजों को दवाएं भी मिलने लगी हैं।
सरकार का दावा है कि अमृत फार्मेसी से ब्रांडेड दवाएं भी 70-80 फीसदी तक कम दर पर मिलेंगी।
फार्मेसी भले ही केजीएमयू में खुली हो लेकिन यहां से किसी भी सरकारी या निजी अस्पताल के मरीज दवाएं ले सकते हैं। शर्त यह है कि दवाई का पर्चा रजिस्टर्ड अस्पताल का हो और डॉक्टर द्वारा लिखी गई हों।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने किया उद्घाटन
केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने शिमला से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए केजीएमयू सहित शिमला, असम, पंजाब में 16 फार्मेसी का उद्घाटन किया। इसमें केजीएमयू में दो, असम में 12 और पंजाब व शिमला में एक-एक फार्मेसी खोली गई।
केजीएमयू में उद्घाटन चिकित्सा व तकनीकी शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन और अपर मुख्य सचिव अनीता जैन भटनागर ने किया। इस दौरान वीसी प्रो. एमएलबी भट्ट, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एस एन शंखवार, चिकित्सा अधीक्षक विजय कुमार सहित तमाम अधिकारी डॉक्टर मौजूद रहे। शताब्दी फेज-1 स्थित प्रमुख दवाओं के बारे में फार्मासिस्ट ने बताया कि सर्जिकल, कीमोथेरेपी, न्यूरो, क्रिटिकल केयर, इमरजेंसी और गैस्ट्रो सहित सभी प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं। क्रिटिकल केयर की रिटोक्सी मैब 50 एमजी दवा की कीमत 36000 है, जबकि अमृत फॉर्मेसी में इसकी कीमत मात्र 1800 रुपए है।