लखनऊ। बिजनौर जनपद के कपड़ा व्यापारी को आजमगढ़ से बोलेरो सवार कुछ लोगों ने पुलिसकर्मी बनकर अगवा कर लिया। फिर उन्हें लखनऊ लाकर हसनगंज इलाके के गेस्ट हाउस में बंधक बना लिया। आरोपियों ने व्यापारी की पिटाई कर न सिर्फ नकदी व कपड़े लूट लिए बल्कि परिजनों से फिरौती भी मांगी। पीड़ित ने दो पुलिसकर्मियों, एक बर्खास्त सिपाही समेत छह लोगों के खिलाफ हसनगंज कोतवाली में तहरीर दी मगर घटना के तीन दिन बाद भी पुलिस ने केस नहीं दर्ज किया। पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच की बात कही है।
बिजनौर निवासी इश्तियाक कपड़े का कारोबार करते हैं। बुधवार को वह आजमगढ़ में कपड़े बेचने गए थे। आजमगढ़ में बस अड्डे के पास बोलेरो सवार कुछ लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर चोरों के बारे में पूछताछ की। फिर जबरन उन्हें गाड़ी में बैठा लिया। आरोपी उन्हें लखनऊ ले आए। यहां हसनगंज के निरालानगर आठ नंबर चौराहे के पास उनसे 20 हजार रुपये, 50 हजार का माल और मोबाइल छीन लिया।
फिर उन्हें चरन गेस्ट हाउस के एक कमरे में बंधक बनाकर पिटाई की। आरोपियों ने इश्तियाक के घर फोन कर 1.20 लाख रुपये फिरौती की मांग की। परिजनों ने चिनहट में रहने वाले रिश्तेदार से संपर्क कर इश्तियाक की मदद के लिए कहा। रिश्तेदार फिरौती की रकम लेकर गेस्ट हाउस पहुंचे। आरोप है कि रिश्तेदार ने जब इश्तियाक से मिलने के बाद रुपये देने की बात कही तो आरोपियों ने उन्हें भी पीट दिया। इस पर वह जान बचाकर शोर मचाते हुए वहां से भागे। शोर होने पर खुद को फंसते देख सभी आरोपी भाग निकले।
पीड़ित इश्तियाक ने रिश्तेदार के साथ हसनगंज कोतवाली जाकर तहरीर दी मगर पुलिस ने घटनास्थल आजमगढ़ बताकर उन्हें टरका दिया। पीड़ित ने हसनगंज थाने के एक दरोगा, एक सिपाही, बर्खास्त सिपाही, दो हिस्ट्रीशीटरों सहित छह लोगों पर घटना में शामिल होने का आरोप लगाया है।
कारोबारी के रिश्तेदार ने हसनगंज इंस्पेक्टर पर भी गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जब उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना दी तो हसनगंज इंस्पेक्टर मौके पर पहुंचे थे। उस वक्त सभी आरोपी गेस्ट हाउस में ही मौजूद थे। आरोप है कि इंस्पेक्टर ने आरोपियों को मामला मैनेज करने की सलाह दी। इंस्पेक्टर के जाने पर आरोपी मामले का रफादफा करने की बात कहकर यूपी 46 नंबर की बादामी रंग की बोलेरो गाड़ी में सवार होकर भाग गए।
कारोबारी इश्तियाक को अगवा कर बंधक बनाने व लूटपाट के मामले में जिस बर्खास्त सिपाही पर आरोप लगाया है वह राजधानी के चर्चित श्रवण साहू हत्याकांड में जेल भी जा चुका है। इसके बाद ही उसे बर्खास्त किया गया था। कुछ माह पहले बर्खास्त सिपाही हसनगंज थाने की पुलिस टीम के साथ फतेहपुर जनपद में दबिश देने भी गया था। जहां ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया था। इस बर्खास्त सिपाही का विवादों से पुराना नाता रहा है।
जेसीपी क्राइम आकाश कुलहरि ने बताया कि डीसीपी मध्य अर्पणा रजत कौशिक को मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। वह चिनहट में रहने वाले कारोबारी के रिश्तेदार से बातचीत कर रही हैं। पीड़ित इश्तियाक अपने घर बिजनौर चले गए हैं। उनसे भी संपर्क किया गया है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।