लखनऊ। चीनी सप्लाई के नाम पर हसनगंज के कारोबारी आलोक गुप्ता से 78.97 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित ने नोएडा की डालमियाबिज रिटेल कंपनी पर आरोप लगाया है।
आरोप है कि एडवांस लेने के बाद आरोपियों ने कम चीनी भेजी और अंतर बता क्रेडिट नोट जारी कर दिया। पीड़ित ने पुलिस आयुक्त से मिलकर शिकायत की थी।
आदेश होने पर 12 सितंबर को हसनगंज थाने में कंपनी के एमडी संजय डालमिया, सीईओ विजय सेरोन, आवरा घोष, अक्षय बिसरिया और जफरुद्दीन के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
हसनगंज के डालीगंज स्थित पन्ना लाल रोड में कारोबारी आलोक गुप्ता रहते हैं। उनकी डालीगंज स्थित जरौलिया ट्रेडर्स नाम से फर्म है।
उक्त फर्म एफएमसीजी के डिस्ट्रीब्यूशन का काम करती है। उनके मुताबिक, सितंबर 2021 में पूर्व परिचित जफरूद्दीन मिलने पहुंचे और बताया कि वह डालमियाबिज कंपनी में काम कर रहा है। उन्होंने आलोक की मुलाकात कंपनी के रीजनल मैनेजर अक्षय से कराई।
बातचीत के दौरान दोनों ने आलोक से 37 रुपये प्रति किलो की दर से चीनी का सौदा तय किया। आलोक ने डालमियाबिज के खाते में 8.27 लाख ट्रांसफर कर दिए।
चार दिन बाद उनके पास 20 टन चीनी पहुंच गई। तीन-चार दिन बाद आलोक ने डालमियाबिज कंपनी के बिजनेस हेड आवरा घोष के कहने पर खाते में 10 लाख और अगले दिन 27 लाख भेजे।
एक दिन बाद 10 लाख की चीनी भेजी गई, जबकि बिल के 12.45 लाख दर्ज था। पीड़ित के आपत्ति करने पर आवरा ने रेट का अंतर का क्रेडिट नोट बाद में देने की बात कही।
24 सितंबर को पीड़ित ने 8.98 लाख और तीन दिन बाद 15 लाख ट्रांसफर किए। इस पर 7.40 लाख की चीनी भेजी और मूल्य 8.30 लाख दिखाया। आपत्ति पर क्रेडिट नोट में अंतर देने की बात कही।
दो दिन बाद 200 टन चीनी का वादा कर 62.02 लाख लिए और इस बार 22.58 लाख की चाय की पत्ती भेज दी। विरोध पर आवरा घोष ने कहा कि माल उतरवा लीजिए, हम बिकवा देंगे। इस तरह से कई बार में आरोपियों ने 78.97 लाख रुपये हड़प लिए।