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5 करोड़ सालाना टर्नओवर वाले व्यापारी अब तीन माह में भर सकेंगे रिटर्न

Sun, 14 Oct 2018 01:38 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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GST, Tax
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जीएसटी में पंजीकृत पांच करोड़ रुपयेसालाना टर्नओवर वाले व्यापारी अब तीन माह में रिटर्न भर सकेंगे। इससे पहले इन्हें हर महीने रिटर्न भरना पड़ता था।  कंपोजीशन (समाधान) की अधिकतम सीमा को भी एक करोड़ से बढ़ाकर डेढ़ करोड़ रुपये कर दिया गया है। 

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इसके लिए राज्यपाल राम नाईक ने शनिवार को उप्र. माल और सेवा कर (संशोधन) अध्यादेश 2018 को मंजूरी दे दी है। राज्य विधान मंडल के सत्र में न होने और विषय की तात्कालिकता को देखते हुए राज्यपाल ने कैबिनेट के फैसले को विधिक परीक्षण के बाद अपनी स्वीकृति प्रदान की है। राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद यह संशोधन प्रभावी हो गया है।

व्यापारियों को सहूलियत देने के लिए ‘उप्र माल एवं सेवा कर (संशोधन) अध्यादेश 2018’ में पहले संशोधन प्रस्ताव को बीते बुधवार को कैबिनेट ने मंजूरी दी थी। इस अध्यादेश से पूर्व में प्रभावी उप्र माल और सेवा कर अधिनियम 2017 की कुछ धाराओं में संशोधन किया गया है। केंद्रीय माल और सेवा कर (संशोधन) अधिनियम 2018 एवं उप्र माल और सेवा कर अधिनियम 2017 के प्रावधानों में एकरूपता लाने के उद्देश्य से यह व्यवस्था की गई है। राज्य सरकार ने अध्यादेश की फाइल 12 अक्तूबर को राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजी थी। 

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यह मिलेगी सहूलियत

एसजीएसटी एक्ट में इस संशोधन के बाद अब रेस्टोरेंट समेत उन प्रतिष्ठानों को भी कंपोजीशन की सुविधा मिलेगी, जिन्हें अब तक यह सुविधा नहीं मिलती थी। इस संशोधन के जरिए जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों द्वारा अपंजीकृत सभी व्यापारियों से माल खरीदने पर लगने वाले रिवर्स कर की व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। अब पंजीकृत व्यापारियों को अपंजीकृत व्यापारियों से सिर्फ उन वस्तुओं की खरीद पर ही रिवर्स कर देना होगा, जो सरकार की अधिसूचना में शामिल होंगी।

एक्ट की एक अन्य धारा में भी संशोधन करते हुए विशेष दर्जा प्राप्त जम्मू-कश्मीर, अरुणाचल प्रदेश, असम, हिमाचल प्रदेश, मेघालय व सिक्किम से माल मंगाने के लिए पंजीकरण की निर्धारित थ्रेसहोल्ड सीमा को 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख कर दिया गया है। इससे पहले यह सुविधा सिर्फ उत्तराखंड के लिए मिलती थी। एक्ट की धारा-2, 7 12,13,16, 17 एवं 20 केप्रावधानों को और स्पष्ट किया गया है।
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