राजधानी का नया बिजनेस प्लान बनेगा ताकि विकास के साथ उद्योगों और रोजगार के मौकों को भी बढ़ाया जा सके। यह बिजनेस प्लान तैयार कर रहा है एलडीए।
इसके लिए सलाहकार कंपनी की चयन प्रक्रिया जारी है। इस प्लान में निजी क्षेत्र की सहभागिता को सुनिश्चित करते हुए प्रोजेक्ट भी तय किए जाएंगे।
इसके अलावा स्थानीय उद्योगों और कारोबार को भी बढ़ावा देने के तरीकों को प्रमुखता दी जाएगी। चिकन के अलावा पॉटरी, हैवी मेटल्स के उद्योगों पर विशेष ध्यान होगा।
भविष्य की जरूरतों को देखते हुए आईटी और सर्विस सेक्टर को भी प्राथमिकता दी जा सकती है। पर्यटन के विस्तार की भी संभावनाएं बिजनेस प्लान में शामिल होंगीं।
यह बिजनेस प्लान शहर के सतत विकास के लिए बन रहे सिटी डेवलपमेंट प्लान (सीडीपी) का हिस्सा होगा। एलडीए की योजना के मुताबिक, शहर के अवस्थापना विकास के साथ इसे आर्थिक रूप से भी समृद्ध करने की जरूरत है।
ऐसे में शहर का एक बिजनेस प्लान बनना चाहिए। इसके लिए आधुनिक व नए तरीके अपनाकर उद्योगों के अनुकूल माहौल विकसित करने की जरूरत होगी।
यह बिजनेस प्लान नए उद्योग विकसित करने के साथ रोजगार भी बढ़ाने में मदद मिलेगी। शहर के विस्तार के साथ जरूरी औद्योगिक विकास को भी इसमें चिह्नित कर लिया जाएगा। इससे शहर के औद्योगिक विकास के साथ आर्थिक ढांचे को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
निजी क्षेत्र की सहभागिता को मिलेगा बढ़ावा
बिजनेस प्लान बनाते समय सलाहकार कंपनी को निजी सेक्टर के साथ संभावना को भी तलाश करना होगा। इसके आधार पर ही नए प्रोजेक्टों को बिजनेस प्लान में शामिल किया जाएगा। बिजनेस प्लान में यह भी बताना होगा कि किन सेक्टर्स को प्राथमिकता दिए जाने की जरूरत है जिससे जरूरी बजट और जमीनों की व्यवस्था की जा सके।
शहरी विकास का मतलब केवल रोड नेटवर्क या बिल्डिंग बनाना नहीं होना चाहिए। लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए रोजगार के अवसर भी इसमें जरूरी हैं, जिससे आर्थिक ढांचे को मजबूती मिले। शहर के सतत विकास को यह बिजनेस प्लान सुनिश्चित करेगा।
- इंदुशेखर सिंह, मुख्य अभियंता, एलडीए