रायबरेली। जिले के गुजरने वाली रोडवेज की बसें शहर के अंदर बस स्टेशन पर नहीं आती हैं। लखनऊ और प्रयागराज की ओर से आने वाली बसें दिन या रात शहर के बाहर से ही निकल जाती हैं। ऐसे में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। डिपो से संचालित बसें ही मिल पाती है। रात में सिविल लाइन, रतापुर सहित अन्य चौराहों पर बसेंं पकड़ने के लिए यात्रियों को जाना पड़ता है।
लखनऊ और प्रयागराज की ओर से आने वाली बसें मामा चौराहा, बरगद चौराहा, सिविल लाइन, सारस होटल, रतापुर और त्रिपुला होते हुए आगे बढ़ जाती हैं। सभी चौराहों से बस स्टेशन के लिए बसों के आने का रास्ता होने के बाद भी बसें शहर के अंदर नहीं आती हैं। कानपुर, सुल्तानपुर, फतेहपुर मार्गों पर चलने वाली बसें स्टेशन पर आतीं हैं, लेकिन लखनऊ-प्रयागराज मार्ग पर संचालित बसों के स्टेशन पर न आने से लोगों को परेशानी होती है। खासकर रात में यात्रियों को ज्यादा परेशानी उठानी पड़ती है। इसी मार्ग पर सबसे अधिक सवारियां होने के बाद भी यात्रियों को यह सुविधा नहीं मिल पाती है।
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नगर में बस स्टॉपेज पर बसें न आने से यात्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर बसों के इंतजार में घंटों खड़े रहते हैं। धूप, सर्दी, बरसात सभी कुछ यात्रियों को झेलनी पड़ती है। जनप्रतिनिधि इस ओर ध्यान नहीं दे रहे। इससे नागरिकों में रोष व्याप्त है। लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर शहर स्थित किसी भी चौराहा पर यात्रियों के बैठने के लिए बंदोबस्त नहीं है। लखनऊ से आने वाले यात्री प्रकाश, विवेक का कहना है कि दिन में तो काम चल जाता है, लेकिन रात में परेशानी उठानी पड़ती है। यही समस्या प्रयागराज से आने वाले दिलीप कुमार और शेरअली की भी है।